मेरठ का सेंट्रल मार्केट का वह कांप्लेक्स, जिसे लेकर इस विवाद की शुरुआत हुई थी।
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सेंट्रल मार्केट में अवैध कॉम्पलेक्स 661/6 के मामले में आवास एवं विकास परिषद अपने पक्ष को मजबूत करने में जुटा है। सभी 21 दुकानदारों को 15 दिन में अवैध कॉम्पलेक्स खाली करने के आदेश जारी करते हुए अंतिम नोटिस जारी किया गया है। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाने पर दुकानदारों से ही खर्चा लिया जाएगा। वहीं अवैध कॉम्पलेक्स के 52 दुकानदारों के खिलाफ एफआईआर की भी तैयारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने 661/6 मामले में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए हैं। व्यापारियों की सुप्रीम कोर्ट में दाखिल सभी याचिकाएं रद्द की जा चुकी हैं। आवास एवं विकास परिषद की शास्त्रीनगर स्कीम संख्या 7 के तहत ही सेंट्रल मार्केट आता है। इसमें सेक्टर-2 व सेक्टर-6 का मेन मार्ग मुख्य रूप से सेंट्रल मार्केट माना जाता है। आवास विकास की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कीम में 6379 स्वीकृत आवासीय संपत्तियां हैं। इनमें से 860 संपत्ति ऐसी हैं, जिनका व्यावसायिक प्रयोग हो रहा है। सेंट्रल मार्केट में सराफा, डेयरी, रेडीमेड गारमेंट्स, मर्चेंट स्टोर आदि हैं।
आवास एवं विकास परिषद ने 661/6 के सभी 21 दुकानदारों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ 15 दिन में दुकानें खाली करने के आदेश दिए हैं। ऐसा न होने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला भी चलाने को चेताया गया है। वहीं इस अवैध कॉम्पलेक्स के 21 दुकानदारों के साथ ही 31 अन्य दुकानदार भी हैं, जिनके खिलाफ एफआईआर की तैयारी है। अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में तीसरा नोटिस दुकानदारों को देते हुए 15 दिन में दुकानें खाली करने को कहा गया है।