सीसीएसयू में एक कंपनी बिना टेंडर के काम कर रही है। कंपनी को डाटा ट्रांसफर हो चुका है। हैरत की बात यह है कि कंपनी का न तो अभी टेंडर हुआ है और न ही कागजी कार्रवाई पूरी हुई, बावजूद इसके वह काम कर रही है।
विवि एडमिशन से लेकर एडमिट कार्ड देने तक का काम ऑनलाइन कराता है। करीब चार साल से विवि ऑनलाइन मोड का इस्तेमाल कर रहा है। इसके लिए को टेंडर छोड़ा जाता है। सत्र 2015-16 के एडमिशन कराने का काम आईटीसी कंपनी के पास था। कंपनी का टेंडर खत्म हो चुका है। अधिकारिक रूप से अभी विवि में कोई कंपनी काम नहीं कर रही। बावजूद इसके एक कंपनी अधिकारियों की सहमति मिलने के बाद काम कर रही है।
उसका टेंडर नहीं हुआ लेकिन विवि ने अपना गोपनीय डाटा दे दिया। हालांकि कंपनी अधिकारियों की निगरानी में काम कर रही है, लेकिन नियमों का दरकिनार कर काम कराया जा रहा है। किसी वजह से अगर कंपनी काम न ले या कोई और बात हो जाए तो विवि ने जो डाटा उपलब्ध कराया है, उसका क्या होगा। सूत्रों के मुताबिक एग्जाम फार्म की डेट घोषित करने के बाद स्थगित करने की वजह यह है कि कंपनी की कागजी कार्रवाई होनी बाकी है।
वह फाइनल होने के बाद डेट घोषित की जाएगी। विवि के सहायक प्रेस प्रवक्ता डॉ. प्रशांत कुमार ने कुलपति प्रो. एनके तनेजा के हवाले से बताया कि विवि ने अभी किसी कंपनी को काम नहीं दिया है। कुछ कंपनियों के प्रजेंटेशन हुए हैं। रजिस्ट्रार दीप चंद्र का कहना है सरकारी कंपनी को काम दिया जाएगा। एग्जाम फार्म की डेट तीन-चार दिनों में घोषित की जाएगी।