गन्ना मूल्य के मामले में प्रदेश सरकार ने किसानों को लगातार तीसरे पेराई सत्र में भी झटका दे दिया है। सरकार ने चालू पेराई सत्र के लिए भी गन्ना मूल्य 280 और 290 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। मूल्य में वृद्धि न होने से किसानों में सरकार के प्रति गहरी नाराजगी है। रालोद और भाकियू ने रेट को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
अखिलेश सरकार ने कार्यकाल शुरू होते ही पेराई सत्र 2012-13 में गन्ना रेट में 40 रुपये की वृद्धि कर अपने पिता मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में की गई बढ़ोतरी का रिकॉर्ड तोड़ दिया था। लेकिन, इसके बाद यह तीसरा पेराई सत्र है, जब गन्ने का मूल्य जस का तस रखा गया है।
किसान प्रतिनिधियों और विपक्षी दलों ने गन्ना उत्पादन लागत को देखते हुए 350 रुपये प्रति कुंतल की मांग की थी। लेकिन, किसानों की तमाम मांगों को धता बताते हुए शुगर इंडस्ट्री के दबाव में सरकार ने पिछला रेट ही यथावत रखा है।