सीसीएसयू में दो फर्जी छात्राओं द्वारा मेडल जीतने का मामला सामने आया है। कॉलेज के लेवल पर फर्जीवाड़ा तो आयोजक संस्थान के लेवल पर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। जिस दिन खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग ले रही थीं, उस दिन तक उनकी एलिजिबिलिटी पूरी नहीं थी। एडमिशन फर्जी थे।
चौंकाने वाली बात यह है कि एलिजिबिलिटी के कागजात में यह बात साफ थी, बावजूद इसके खिलाड़ियों को खेलने से नहीं रोका गया। अब अपनी गर्दन बचाने के लिए संबंधित कॉलेज को आयोजक संस्थान ने 10 हजार रुपये प्रति छात्र की पेनल्टी देने या डॉक्यूमेंट सबमिट करने का नोटिस दिया है।
मामला अंतर महाविद्यालय पुरुष-महिला बॉक्सिंग प्रतियोगिता से जुड़ा है। यह प्रतियोगिता छह और सात नवंबर को बागपत स्थित सम्राट पृथ्वीराज कॉलेज ऑफ एजूकेशन में हुई थी। एनसीपीई नोएडा की बीपीई की छात्रा आरजू और बिदिया ने प्रतियोगिता में भाग लिया।
आरजू ने 75 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल और आरजू ने 64 किग्रा में सिल्वर मेडल जीता। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रतियोगिता खेलने के लिए इन दोनों खिलाड़ियों द्वारा जो एलिजिबिलिटी जमा की गई, उसमें खिलाड़ियों की 12वीं पास नहीं थीं। दोनों की मैथ में कंपार्टमेंट थी। दोनों छात्राओं ने हरियाणा बोर्ड से 12वीं की परीक्षा दी थी। पहला सवाल कॉलेज पर खड़ा होता है कि फेल छात्रों का एडमिशन कैसे कर दिया।
विवि में पकड़ में आया मामला
एनसीपीई से लेकर आयोजक संस्थान तक मामला चुपचाप चलता रहा। जांच के लिए कागजात जब विवि पहुंचे तो पकड़ में आया। विवि ने आयोजक संस्थान से जब जवाब तलब किया तो मामले का खुलासा हुआ। विवि फर्जी छात्रों से मेडल वापस लेगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।