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जेल में धर्मांतरण का मामला: अब ताराचंद के साथियों से होगी पूछताछ, जांच के बाद खुलेंगे बड़े राज

Wed, 30 Jun 2021 01:10 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

जेल में धर्मांतरण के मामले में अब ताराचंद के साथियों से पूछताछ होगी। इस मामले में जांच के बाद कई बड़े राज खुल सकते हैं।
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मेरठ में धर्मांतरण का मामला। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मेरठ में जेल में बंद रहे ताराचंद के कथित धर्मांतरण के मामले में कई पेंच हैं। पुलिस का कहना है कि मुकदमे में पहले यह जांच करनी होगी कि ताराचंद का धर्मांतरण हुआ या नहीं, क्योंकि ताराचंद का धर्मांतरण होने पर ही वह दूसरे का धर्मांतरण करा सकता है। अगर ताराचंद का धर्मांतरण ही नहीं हुआ तो उस पर आरोप कैसे सिद्ध होगा। इसके लिए ताराचंद के साथ जेल में बंद दूसरे समुदाय के युवक से भी पूछताछ की जाएगी। अभी ताराचंद का दावा है कि उसने इस्लाम कबूल नहीं किया है, उसने सिर्फ नमाज पढ़ी है।

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उधर, हिंदू जागरण मंच के अध्यक्ष सचिन सिरोही का कहना है कि मुकदमे में पुलिस को ताराचंद के साथ दूसरे समुदाय के युवक को भी नामजद करना चाहिए था। श्याम की तहरीर में दूसरे समुदाय के युवक का भी जिक्र है। पुलिस जानबूझकर केस को कमजोर करने में लगी है। दोनों युवकों को पुलिस नामजद करती व फिर मामले की जांच करती। इस मामले को लेकर वह जल्द पुलिस के उच्चाधिकारियों से दूसरे समुदाय के युवक को नामजद कराने की मांग रखेंगे। 

एक से 10 साल तक की सजा का प्रावधान
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि धर्मांतरण के नए कानून में तीन अलग-अलग नियम हैं। सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि सात साल से कम सजा वाली धारा में आरोपी की गिरफ्तारी न हो और उसे जेल न भेजा जाए। बाकी कानून व्यवस्था और परिस्थिति के अनुकूल पुलिस कार्रवाई कर सकती है।  
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- धर्मांतरण अगर बालिग का कराया गया है तो उसमें एक से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है  
- किसी नाबालिग का धर्मांतरण कराने पर दो से सात साल तक सजा का प्रावधान है
- धर्मांतरण किसी समूह द्वारा कराए जाने पर तीन से दस साल तक की सजा का प्रावधान है 

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