अब स्लॉट बुक करवाने वालों को ही मिलेगा प्रवेश
आरटीओ हिमेश तिवारी का कहना है कि लिपिक मुंशीलाल वाहन पंजीकरण का नहीं बल्कि ट्रांसफर का काम देखते हैं। अफजाल के आरोप के अनुसार मामला पंजीकरण से जुड़ा बताया गया है जबकि इसके लिपिक सुभाष हैं। वह फ्रेक्चर के कारण एक माह से अवकाश पर हैं। उनके स्थान पर नवीन अस्थायी रूप से काम देख रहे हैं। अब सवाल है कि अफजाल मुंशीलाल से क्यों मिले। फिर भी लिपिक के रिश्वत लेने का मामला उजागर होने से विभाग की छवि प्रभावित हुई है। भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए आरटीओ कार्यालय के सभी कैमरे अपडेट कराएं जाएंगे। साथ ही कार्यालय में उन्हीं वाहन स्वामियों को प्रवेश दिया जाएगा जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर स्लॉट बुक कराकर आएंगे।
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पहले भी शिकायत पर पड़ा था छापा
अफजाल ने बताया कि वर्ष 2004 में भी आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत की गई थी। तब छापा पड़ने पर लिपिक भाग गए थे। इसके उपरांत 2007 में भी ऐसी कार्रवाई की गई।