माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। छावनी रामलीला में सीता हरण की लीला का मंचन किया गया। रावण के आदेश पर मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर माता सीता की कुटिया के पास आया। श्रीराम ने इसे माया बताया लेकिन सीता के आग्रह करने पर वह मृग के शिकार के लिए जंगल में चले गए। भाई लक्ष्मण को माता सीता की रक्षा की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
इस बीच मृग रूपी मारीच ने घनघोर वन में जाकर श्रीराम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारा। सीता ने लक्ष्मण को श्रीराम की रक्षा के लिए जाने का आदेश दिया। लक्ष्मण ने बाण से एक रेखा खींची और सीता से उस रेखा के अंदर रहने का आग्रह किया। इस बीच ब्राह्मण वेश में आए रावण ने भिक्षा लेने से इन्कार कर दिया। सीता लक्ष्मण रेखा से बाहर आईं तो रावण ने उनका अपहरण कर लिया।
वहीं, मंचन में रावण जटायु युद्ध, श्रीराम शबरी मिलन, श्रीराम सुग्रीव मित्रता और बाली वध के प्रसंगों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। काया कला केंद्र दिल्ली के कलाकारों ने प्रीतम गोठवाल के निर्देशन में प्रसंगों को जीवंत किया। इससे पूर्व संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, संजय कुमार, राहुल गुप्ता, शम्मी सपरा, पवन कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित किया। इस अवसर पर गणेश अग्रवाल, पवन मित्तल, विजय गोयल, विवेक रस्तौगी, अनिल जैन, नितिन बालाजी, अंकित गुप्ता आदि रहे।