- अष्टमी तिथि 18 से शुरू होकर 19 को सुबह 10:52 बजे तक रहेगी
- सोमवार को सुबह 10:52 बजे के बाद नवमी तिथि होगी आरंभ
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शारदीय नवरात्र में दुर्गाष्टमी और महानवमी पर कन्या पूजन को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस है। इस बार अष्टमी तिथि दो दिन रहने के कारण 18 और 19 अक्तूबर को दोनों दिन अष्टमी का कन्या पूजन किया जा रहा है।
इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि अष्टमी तिथि 18 अक्तूबर को सुबह 8:29 बजे शुरू होकर 19 अक्तूबर को सुबह 10:52 बजे तक रहेगी। ऐसे में अष्टमी के दिन कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु रविवार को भी पूजन कर सकते हैं जबकि नवमी का कन्या पूजन सोमवार को सुबह 10:52 बजे के बाद या मंगलवार को सुबह के समय कर सकते हैं। इसके बाद दशहरा पूजन दोपहर 12 बजे के बाद होगा।
आठवें दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि मान्यता है कि महागौरी की आराधना से सुख समृद्धि और मंगल की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि रविवार को निशा पूजा भी की सकेगी। वहीं, नवमी तिथि पर व्रत का पारण और कन्या पूजन करने वाले श्रद्धालु सोमवार को नवमी तिथि के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान कर सकते हैं।
ऐसे करें कन्याओं का पूजन
आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनके पैर धोएं, तिलक लगाएं और श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं। इसके बाद उन्हें दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लें। प्रसाद में हलवा, पूरी, चना, सूखा नारियल, मखाना, मूंगफली और मिश्री भेंट की जा सकती है। यदि कन्याएं न हों तो मंदिर में मां दुर्गा की पूजा कर भोग लगाएं और प्रसाद वितरित करें।