वहीं जब उनसे इस क्षेत्र में आने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि खेल का माहौल मजेदार और आमंत्रित है। यह क्षेत्र कुछ नया करने और विचारों को व्यक्त करने के कई अवसर प्रदान करता है।
बताया गया कि मेरठ निवासी रूही इस साल की वैश्विक प्रतियोगिता के विषय के बारे में बात करने के लिए काफी उत्साहित थीं। प्रतियोगिता के बारे में जानकारी देते हुए रूही ने कहा कि रोबोट के महत्वपूर्ण हिस्सों को नियंत्रित करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। रूही ने बताया कि समूह का गठन जून 2020 में हुआ था। इसके बाद हम सभी ने मिलकर फैसला किया कि हम अपनी रोबोटिक्स टीम बनाकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए हमने कई ऑनलाइन बैठकें भी कीं। इस दौरान उन्हें कई बड़ी चुनौतियां का सामना करना पड़ा लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और जुनून के साथ काम किया।
रूही ने बताया कि पुर्जे खरीदने के लिए इधर-उधर से कुछ डॉलर जुटाने में उनकी टीम कामयाब हुई। उनकी टीम ने 6000 डॉलर जुटाए। उन्होंने बताया कि जुटाए गए रुपये पर्याप्त नहीं थे लेकिन, पंजीकरण शुल्क का भुगतान करने के बाद कुछ शुरुआती काम शुरू करने में सफल हुए। इसके बाद उनकी टीम ने रोबोट का डिजाइन के लिए काम शुरू किया।
उन्होंने बताया कि अभी उनकी टीम को बने हुए सिर्फ एक साल हुआ है और टीम के सभी सदस्य प्रतियोगिता के लिए जुटे हैं। उन्होंने बताया कि टीम के सभी सदस्य आवश्यकता के अनुसार हर सप्ताह कम से कम 10-12 घंटे काम करते हैं। रूही ने बताया कि प्रतियोगिता से एक सप्ताह पहले उनकी टीम के सभी सदस्यों ने 15-15 घंटे तक भी काम किया। रूही का कहना है कि टीम के सभी सदस्यों के माता-पिता उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं। वहीं रूही ने मुस्कुराते हुए कहा कि थिंक फास्ट रोबोटिक्स में शामिल होने के लिए सभी का स्वागत है।