प्रदेश भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने वाले एसपी सिंह बघेल मेरठ में बतौर सब इंस्पेक्टर तैनात रहे हैं। उसके बाद सरधना में शादी की। मेरठ से उन्हें तीन माह के लिए लखनऊ भेजा गया तो वह मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में रहे। उसके बाद वह मुख्यमंत्री के पीएसओ रहे। लोकसभा और राज्यसभा से सांसद रह चुके एसपी सिंह बघेल रविवार को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाए गए हैं।
1987-88 में एसपी सिंह बघेल की बतौर सब इंस्पेक्टर पोस्टिंग कुछ दिन के लिए सिविल लाइन थाने में रही। बाद में वह एलआईयू में चले गये। एलआईयू में ट्रांसफर होने के बाद उन्हें डिग्री कॉलेज में छात्र विंग की जिम्मेदारी दी गई। जहां उनका आना-जाना मेरठ कॉलेज के छात्रनेताओं के साथ ही प्रोफेसरों से शुरू हो गया।
एलआईयू से तीन माह के स्पेशल कोर्स के लिए उन्हें लखनऊ भेजा गया। 1989 में लखनऊ में उनकी ड्यूटी मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा में लगा दी गई। जिसके बाद उनकी नजदीकी मुलायम सिंह से बढ़ी और वह उनके पीएसओ बन गये। सपा नेताओं को मिलाने और अन्य सभी व्यवस्थाएं खुद एसपी सिंह बघेल करने लगे। मेरठ कॉलेज से डिफेंस में एमए की पढ़ाई करने के बाद मेरठ कॉलेज में ही डॉ. सोमनाथ मिश्रा के अंडर में मिलिट्री साइंस में उन्होंने पीएचडी की। पुलिस महकमे से इस्तीफा देने के बाद वह आगरा कॉलेज में प्रोफेसर बन गये। सपा से लोकसभा का टिकट नहीं मिला तो बसपा में चुनाव लड़ा। दो बार सांसद रह चुके एसपी सिंह बाद में भाजपा में चले गये।
सरधना में है ससुराल
छात्रनेता डॉ. राजकुमार सांगवान ने बताया कि एसपी सिंह बघेल जब एलआईयू में छात्रविंग देखते थे तो मेरठ कॉलेज में उनसे मुलाकात हुई। बाद में उनकी दोस्ती हो गई। कुछ दिन सरधना में तैनाती रही। सरधना निवासी मधु से एसपी सिंह बघेल की शादी हुई। लखनऊ में मुलायम सिंह से मिलने के लिए भी विधायकों और अन्य नेताओं को पहले एसपी सिंह बघेल से मिलना पड़ता था। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मेरठ में वह सब इंस्पेक्टर के पद पर करीब ढाई साल तैनात रहे थे।