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रोजगार का संकट : कोरोना काल में बसों का संचालन प्रभावित, मेरठ में एक हजार संविदाकर्मियों के सामने आई मुश्किल

Tue, 01 Jun 2021 07:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

कोरोनाकाल में बसों का संचालन प्रभावित होने से संविदाकर्मियों के सामने रोजगार की मुश्किल आ गई है। मानदेय नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना महामारी के कारण पिछले डेढ़ महीने से रोडवेज के संविदा कर्मचारी घर बैठे हैं। ऐसे में वेतन नहीं मिलने से घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। कई संविदाकर्मी तो कोरोना पीड़ित होने के कारण जमा पूूंजी भी खर्च कर चुके हैं। कर्मचारी संगठन मदद के लिए विभाग के एमडी से मांग कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं हो सकी है। 
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केस एक : 
भैसाली डिपो में कार्यरत चालक पवन कुमार ने बताया कि जबसे कोरोना संक्रमण में तेजी आई है, तब से उन्हें बस पर जाने का मौका नहीं मिल सका है। इसके चलते उन्हें भुगतान भी नहीं हो रहा है। रिश्तेदारों और दोस्तों से उधार लेकर घर का खर्च चलाना पड़ रहा है। 

केस दो : 
मेरठ डिपो के परिचालक देवेंद्र का कहना है कि कोरोना में बसों का संचालन प्रभावित है। डेढ़ महीने से उन्हें बस नहीं मिल सकी है। बेरोजगारी के चलते घर का खर्च नहीं चल रहा है। कई बार ड्यूटी के लिए पहुंचे, लेकिन वहां से बैरंग लौटना पड़ा।
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रोडवेज में दो हजार संविदा स्टाफ 
रोडवेज के मेरठ रीजन में करीब तीन हजार चालक और परिचालक है। इनमें से करीब दो हजार चालक व परिचालक संविदा पर हैं। संविदाकर्मियों को प्रति किमी की दर से भुगतान किया जाता है। कर्मचारी महीने में 10 से 12 हजार रुपये ही कमा पाते है।

कोरोना के चलते बसों को सीट क्षमता से 50 फीसदी यात्रियों के साथ संचालन कराया जा रहा है। अंतरराज्यीय बस सेवा बंद है। शर्त के साथ करीब 40 फीसदी बसों का ही संचालन हो रहा है। यही वजह है कि संविदाकर्मियों को बसें नहीं मिल पा रही हैं। 

विभाग और सरकार नहीं दे रही ध्यान 
उत्तर प्रदेश रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के मेरठ शाखा मंत्री राजेश त्यागी ने बताया कि उन्होंने इस बारे में संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष को जानकारी दी है। वह जल्द ही इस मामले को प्रबंधन के बीच लेकर जाएंगे।

मेरठ रीजन में बसों का बेड़ा                750
नियमित बस स्टाफ                         1000
संविदा बस स्टाफ                           2000
हर महीने संविदा को होने वाला भुगतान    दो करोड़ 
कोरोना काल में हो रहा भुगतान            एक करोड़ 
कोरोना काल में घर बैठे संविदा कर्मी      एक हजार
(नोट- आंकड़े लगभग में)
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