मेडा रखता है प्लॉट बंधक
जालसाजी कर प्लॉट बेचने व ठगने के मामले भी लगातार पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। कई लोग मेडा में भी इसकी शिकायत लेकर आते हैं। कोई भी संपत्ति ले रहे हैं तो मेडा की वेबसाइट पर इसे जांच लें।
ये है प्रक्रिया
कॉलोनी को नियम अनुसार, वैध कराने के लिए मेडा में बिल्डर को आवेदन करना होता है। ले-आउट नक्शा बनता है, जिसमें इंगित होता है कि पार्क, पार्किंग, लिफ्ट समेत विभिन्न्न जरूरी सुविधाओं के लिए जमीन छोड़ी गई है या नहीं। बिल्डर से विकास शुल्क लिया जाता है। कुछ प्लॉट बंधक भी मेडा रखता है। बिल्डर द्वारा विकास कार्य बीच में ही छोड़ देने पर इन प्लॉट को बेचकर मेडा अधूरे काम पूरे कराता है। बिल्डर के काम पूरा करने पर बंधक प्लॉट अवमुक्त कर दिए जाते हैं। मेडा द्वारा स्वीकृत कॉलोनियों के नक्शे भी वेबसाइट पर अपलोड हैं।
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अफसर बोले- अपनी कमाई अवैध कालोनियों में न लगाएं, लगातार हो रहा ध्वस्तीकरण
मेडा के सचिव चंद्रपाल तिवारी ने बताया कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। लगातार टीम बनाकर ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है। एमडीए मेरठ की वेबसाइट पर अवैध और वैध कॉलोनियों का ब्योरा भी अपलोड कर दिया गया है। लोग अपनी गाढ़ी कमाई को अवैध कॉलोनियों में न झोंकें, इसके लिए मेडा के मुख्य द्वार पर ही चेतावनी बोर्ड लगाया गया है।