सपा सरकार में राज्यमंत्री मुकेश सिद्धार्थ ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा पर एसटीएफ अधिकारी से साठगांठ कर दो गनर लेने का आरोप लगाया है। शनिवार को मंत्री ने आईजी से मिलकर लिखित शिकायत की और गनर को वापस कराने की मांग की। कहा, पूर्व विधायक को किसी भी कुख्यात ने धमकी नहीं दी है। आईजी ने मामले की जांच कराकर गनर वापस कराने का आश्वासन दिया है।
हस्तिनापुर से बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को दो लाख के इनामी बदमाश बलराज भाटी से जान का खतरा है। इसकी रिपोर्ट दो सप्ताह पहले खुफिया विभाग ने मेरठ एसएसपी डीसी दूबे को दी थी। जिसके आधार पर एसएसपी ने बसपा नेता योगेश वर्मा को दो सरकारी गनर दिए थे। शनिवार को एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सिद्धार्थ आईजी सुजीत पांडेय से मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा के पूर्व विधायक ने एसटीएफ के एक अधिकारी से साठगांठ कर दो गनर पुलिस विभाग से लिए। कुख्यात बलराज भाटी ने योगेश वर्मा को कोई धमकी नहीं दी, इसकी पुलिस जांच करा सकती है। इस दौरान आईजी के पास सपा नेता अतुल प्रधान भी बैठे हुए थे। आईजी के सामने सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ ने लिखित में बसपा नेता को कोई जान का खतरा न होने की बात कहकर गनर हटवाने का शिकायत पत्र सौंपा।
बिना मांगे मिले थे गनर
कुख्यात बलराज भाटी से बसपा नेता योगेश वर्मा को क्यों खतरा है, यह जानने के लिए एसएसपी ने योगेश वर्मा को बुलाकर पूछताछ की थी। जिस पर योगेश वर्मा ने बताया था कि उनके मोबाइल पर कोई धमकी नहीं आई और कभी ऐसा अहसास भी नहीं हुआ कि कोई उनके साथ अनहोनी घटना कर सकता है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट का आधार देते हुए एसएसपी ने उनको तत्काल पुलिस लाइन से दो गनर दिलवा दिए थे।
योगेश वर्मा को बदमाशों से नहीं, बल्कि आम लोगों से खतरा है। योगेश पर लोगों का करोड़ों रुपये का कर्ज है। कोई तकादा न करे, इसलिए एसटीएफ के एक अधिकारी से साठगांठ करके दो गनर लिए हैं। गनर हटवाने की शिकायत मैंने आईजी मेरठ से की है।
मुकेश सिद्धार्थ, उपाध्यक्ष एससी एसटी आयोग
सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ ने बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को मिले गनर हटवाने की मांग की है। बसपा नेता को कुख्यात बलराज भाटी से जान का खतरा बताकर गनर दिए गए थे। पुलिस मामले की जांच पड़ताल के बाद ही गनर हटाएगी।
सुजीत पांडेय, आईजी