सबसे पहले वह अम्हेड़ा पहुंचे जहां पहले से ही काफी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। यहीं सैलून चलाने वाले उम्मेद ने जल निकासी की समस्या की ओर ध्यान दिलाया। कुछ बुजुर्गों ने गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाले मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की दिक्कत बताई। आश्वासन देकर देवव्रत ललसाना की ओर चले, जहां उन्होंने बसपा सुप्रीमो मायावती के सर्वजन हिताय के नारे को बताते हुए अग्नि वीर योजना को देश के लिए घातक बताया। सिखेड़ा सलारपुर, रजपुरा और रछौती में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए सेवा भाव से काम करने का वादा किया। इसके बाद उनका काफिला शहर में प्रवेश कर गया और कांच का पुल क्षेत्र में उन्होंने जनसंपर्क किया।
इस बीच अमर उजाला की टीम ने शहर के विकास को लेकर उनके विजन, राजनीतिक प्रतिद्वंदता, प्राथमिकता, उनकी सक्रियता आदि को लेकर सवाल किए। देवव्रत त्यागी ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए परतापुर में हवाई पट्टी बनवाई। जनप्रतिनिधियों ने इस पर कोई काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ से लोग प्रयागराज और लखनऊ में केस लड़ने जाते हैं, जबकि लाहौर पास है। वह जीते तो मेरठ में ही हाईकोर्ट ले आएंगे। देवव्रत त्यागी ने कहा कि बसपा मुखिया उत्तर प्रदेश का अलग बंटवारा कर पश्चिम उत्तर प्रदेश के गठन की हिमायती हैं। अलग प्रदेश बनने पर हाईकोर्ट स्थापित खुद हो जाएगा। मेरठ को हवाई उड़ान भी दिलाई जाएगी।
वे कहते हैं कि मेरठ शिक्षा का बड़ा हब है। ऐसी सरकारी व्यवस्था करेंगे कि जरूरतमंदों को उच्च शिक्षा तक निशुल्क शिक्षा मिले। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत ज्यादा काम की आवश्यकता है। लोगों को अच्छा इलाज मिल सके इसके लिए योजना बनाकर काम करेंगे। शहर में सड़कों की हालत बदतर है जिन्हें चकाचक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा अथवा इंडिया गठबंधन के प्रत्याशियों से उनका कोई मुकाबला नहीं है। लोगों के बीच अच्छा समर्थन मिल रहा है और वे अब बदलाव चाहते हैं।
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देवव्रत ने कहा कि छात्र रहते ही राजनीति में सक्रिय रहा और 16 साल से पार्टी में हूं। नौकरी भी की और अब दवा का व्यापार है, सेवा करने के लिए राजनीति में आया हूं। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर फैमिली का चलन बढ़ रहा है, जिसके चलते बुजुर्ग असहाय होने लगे हैं, ऐसे में विजयी होने पर वृद्ध आश्रम बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि भिक्षावृत्ति समाज का घिनौना चेहरा है, इसे बंद करने के लिए शिक्षा की ओर बच्चों को ले जाया जाएगा। इन समस्याओं के निदान के लिए योजना बनाकर स्थाई निस्तारण किया जाएगा।
दिनचर्या
देवव्रत त्यागी ने बताया कि सुबह पांच बजे उठकर पहले पूजा करता हूं। इसके बाद हल्का नाश्ता करके प्रचार के लिए निकल जाता हूं। रात 12 बजे तक ही वापस आना होता है। ज्यादा भागदौड़ के कारण पैरों में सूजन आ गई है। हर दिन 20 से 25 नुक्कड़ सभा करके घर-घर जनसंपर्क कर रहा हूं।
सेहत का ख्याल
सादा खानपान है, इसलिए समस्या नहीं होती। पोहा, जूस, कोल्ड ड्रिंक, दाल-सब्जी रोटी खाता हूं। रात में दूध पी लेता हूं। कोशिश करता हूं तरल पदार्थ लेता रहूं।
दावा
परतापुर से शुरू होगी हवाई उड़ान, बेंच नहीं हाईकोर्ट बनेगा
प्रोफाइल
नाम-देवव्रत त्यागी पुत्र रमेश चंद्र
पत्नी- विजय लक्ष्मी त्यागी (गृहणी)
बच्चे- बेटा अनुभव त्यागी, तीन बेटियां विवाहित हैं, विदेश में रहती हैं।
आपराधिक इतिहास : कोई नहीं
निवास- के ब्लॉक शास्त्रीनगर
उम्र - 49 साल
शिक्षा- बीए, एलएलबी
व्यवसाय- दवा व्यापारी
पार्टी- बसपा में 16 साल से सक्रिय