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बेटे के शहीद होने की खबर सुनते ही मां बेहोश, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, बहुत जल्द होनी थी शादी

Fri, 27 Sep 2019 01:40 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
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बीएसएफ जवान मोहम्मदपुर मॉडन निवासी विनोद कुमार के जम्मू-कश्मीर में शहीद होने से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। चार जुलाई को ही वह करीब 15 दिन की छुट्टियां व्यतीत कर ड्यूटी पर गया था। इसी दौरान उसके शादी के लिए बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन इससे पहले ही विनोद की शहादत की खबर आ गई। 

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बुधवार रात जम्मू-कश्मीर में एक ऑपरेशन के दौरान शहीद हुए विनोद कुमार के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। गांव में खेती की जमीन भी नहीं है। शहीद  के पिता प्रेम कुमार, बड़े भाई पंकज एवं संजीव कुमार के साथ हरियाणा के पानीपत की महादेव कॉलोनी में वार्ड सात में रहकर कपड़े का कारोबार करते हैं। पंकज और संजीव की शादी हो चुकी है। दो बड़ी बहनें भी शादीशुदा हैं। विनोद कुमार सबसे छोटा एवं अविवाहित था। उसके परिजनों ने बताया कि 20 जून को वह छुट्टी पर आया था और चार जुलाई को ड्यूटी पर चला गया। इस दौरान ही सहारनपुर जनपद के नानौता थाना क्षेत्र के एक गांव से विनोद की शादी के लिए बातचीत चली थी। अभी शादी की तिथि पक्की नहीं हो पाई थी।

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बताया गया कि परिजन फरवरी माह में उसकी शादी करना चाहते थे, लेकिन इससे पहले ही शहादत की खबर आ गई। विनोद की मां मूर्ति देवी गांव में अकेली रहती हैं। यहीं पर उसके ताऊ का परिवार रहता है। जानकारी मिलने के बाद वह पिता और दोनों भाई अन्य परिजनों के साथ पानीपत से दोपहर तक गांव पहुंच गए। मां मूर्ति देवी को विनोद कुमार के शहीद हो जाने की खबर कई घंटे बाद दी गई। यह खबर सुनते ही वह बेहोश हो गई। परिवार एवं गांव का हर व्यक्ति बार-बार विनोद कुमार को याद कर रहा था। 

बुधवार शाम बड़े भाई से हुई थी बात
बीएसएफ जवान की बुधवार शाम ही अपने बड़े भाई संजीव से बात हुई थी। फोन पर उसने परिजनों का हालचाल पूछा था। साथ ही परिवार एवं कामकाज से जुड़ी अन्य जानकारियां भी ली थी। परिजनों को यह नहीं मालूम था कि उनकी विनोद से यह आखिरी बार बात हो रही है। तयेरे भाई कुलदीप ने बताया कि अक्सर परिवार के लोगों से विनोद की बातचीत होती रहती थी। गुरुवार सुबह करीब चार बजे उनके भांजे के फोन पर बीएसएफ के अधिकारियों ने कॉल करके विनोद की शहादत की जानकारी दी।

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