दिव्यांशी के परिजनों ने बताया कि दिव्यांशी खुले विचारों की थी, जिसके गौरव और सूरज मित्र थे। दिव्यांशी की शादी हो चुकी थी। पति से अनबन होने के कारण वह पति से अलग रहती थी एवं उसकी शादी भी टूट गई थी। इस दौरान ससुराल वालों से फैसले में छह लाख रुपये दिव्यांशी को मिले थे। एसएसपी ने बताया कि सूरज एवं गौरव ने दिव्यांशी का काफी रुपया प्रॉपर्टी के खरीद फरोख्त में फाइनेंस पर लेकर लगा दिया।
वर्ष 2017 में दिव्यांशी के परिवार वालों ने उसकी दूसरी शादी करवा दी, मगर कुछ समय बाद ही सूरज और गौरव ने दिव्यांशी की दूसरी शादी भी छुड़वा दी थी। इसके बाद दिव्यांशी मेरठ में रहने लगी थी। गौरव और सूरज भी उसके अधिक संपर्क में आ गए थे। इसी दौरान दिव्यांशी वकालत करने के लिए दिल्ली चली गई, वहां पर उसे रुपयों की जरूरत पड़ी तो उसने सूरज और गौरव से अपने रुपये मांगे।
जंगल में मिला महिला का शव
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एसएसपी ने बताया कि गौरव और सूरज चार सितंबर 2019 को दिव्यांशी को लेकर अपने बेगमबाद, मेरठ स्थित कमरे में गए। वहां पर गौरव एवं सूरज ने दिव्यांगी की गला दबाकर हत्या कर दी। बाद में शव को यहां फेंक कर फरार हो गए। जांच पड़ताल के दौरान सूरज ढाका पुत्र भोपाल सिंह निवासी डिकोली थाना चांदीनगर जिला बागपत और गौरव पुत्र विनोद निवासी ग्राम सागरी थाना फुगाना जिला मुजफ्फरनगर के नाम प्रकाश में आए।
पुलिस ने गुरूवार सुबह एक हत्यारोपी सूरज ढाका को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, मृतका के शिक्षा संबंधी कागज, पहचान पत्र, आधार कार्ड को बरामद किया गया। उसे जेल भेज दिया गया, जबकि दूसरे हत्यारोपी गौरव की तलाश में पुलिस लगी है।