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BSF के जवान ने कबूला जुर्म- मैंने इसलिए पत्नी को मार डाला था, ये रही हत्या की वजह

Wed, 24 Jan 2018 11:26 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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जवान ने पत्नी को मार डाला - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बागपत में रामबाग कॉलोनी की गीता तोमर की हत्या उसके पति बीएसएफ के जवान ने ही अपने साथी के साथ मिलकर की थी। गीता पर अलग-अलग कमेटियों के करीब 80 लाख रुपये का कर्ज था। पति को शक था कि गीता प्लाट और मकान बेचकर कर्ज चुकाने की फिराक में है। गला दबाकर हत्या के बाद शव को मांगरौली गांव के जंगल में फेंका था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी विकास तोमर बामनौली गांव में ग्राम प्रधान का चुनाव भी लड़ चुका है।

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सोमवार को एसपी जय प्रकाश ने पत्रकारों को बताया कि मूल रूप से बामनौली गांव निवासी और इन दिनों बड़ौत में रह रही गीता की हत्या के मामले में शामली के पिंडौरा गांव निवासी बीएसएफ के जवान और उसके पति विपेंद्र खाटियान और गीता के गांव बामनौली निवासी विकास तोमर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि गीता तोमर बड़ौत में कमेटी का संचालन करती थी। उसके इस काम में विकास तोमर भी शामिल रहता था। कमेटी के रुपये के लेनदेन में उस पर करीब 80 लाख रुपये का कर्ज हो गया था, जो गीता चुका नहीं पा रही थी। 12 जनवरी को विपेंद्र अपने घर  आया तो गीता ने उस पर अपनी नौकरी पर लोन लेने का दबाव बनाया। विपेंद्र इसके लिए तैयार नहीं हुआ। इसे लेकर दोनों में नोकझोंक हो गई थी। विपेंद्र को शक हो गया था कि गीता कर्ज चुकाने के लिए मकान और प्लाट बेच सकती है। ड्यूटी पर वापस लौटकर विपेंद्र ने विकास के साथ मिलकर गीता की हत्या करने का प्लान बनाया। 17 जनवरी की रात में कार में मिल कर दुपट्टे से गला दबाकर गीता की हत्या कर दी और लाश को रंछाड-मांगरौली गांव के जंगल में फेंक दिया था। विपेंद्र बीएसएफ में सिपाही के पद पर चंडीगढ़ में मुख्यालय में तैनात है। वह दिल्ली गृह मंत्रालय में सरकारी काम के लिए चला। योजना थी  बीच रास्ते में हत्या की वारदात को अंजाम देकर वह वापस लौट जाएगा और किसी को भनक तक नहीं लगेगी। एसपी जय प्रकाश का कहना है कि इस संबंध में बीएसएफ के अफसरों को रिपोर्ट भेजी जा रही है। 

उधर, गीता तोमर की हत्या की सूचना पर उनके घर में कोहराम  मच गया। उसकी बहन बबीता  तोमर  और सुनीता, मां कमलेश, बेटा वीशू और बेटी वैशाली का रोते रोते बुरा हाल था।
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पढ़ें : BSF जवान की पत्नी की हत्या, जंगल में फेंकी लाश

इस तरह अंजाम दी वारदात

हत्यारोपी और उसका साथी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
17 जनवरी की रात में करीब नौ बजे गीता तोमर आरोपी विकास तोमर के साथ कार में अपने पति को लेने के लिए सोनीपत पहुंची। विपेंद्र उनके साथ कार में सवार होकर बड़ौत के लिए चल दिया। रास्ते में उन्हें गीता को मारने का मौका नहीं मिला। बड़ौत पहुंचते ही विपेंद्र ने बहाना बनाकर पहले मेरठ चलने के लिए कहा। ना-नुकूर करने के बाद गीता तैयार हो गई। बड़ौत-बिनौली मार्ग पर रास्ते में चलती कार से दुपट्टे से गला दबाकर दिपेंद्र ने गीता की हत्या कर दी। बाद में शव को मांगरौली गांव के जंगल में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी विकास तोमर की निशानदेही पर ही गीता तोमर का शव बरामद किया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा।

बेटे को देखने के बाद बैठ गई कार में
सोनीपत से बड़ौत पहुंचे ही विकास और विपेंद्र ने मेरठ जाने की योजना बनाई। रात के करीब 11 बज चुके थे। सीओ रामानंद कुशवाहा ने बताया कि गीता ने अपने बेटे विशु को एक बार घर पर देखने की इच्छा जताई। वह घर पहुंची, बेटे को देखा और वापस तीनों कार में सवार होकर बिनौली रोड होते हुए मेरठ के लिए चल दिए।

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दिखाया शातिर अंदाज, लेकिन फंस गए

इसी कार में गला घोंटकर मार डाला - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों ने बेहद शातिर अंदाज में वारदात को अंजाम दिया। पहले योजना के तहत विकास और विपेंद्र ने नये सिम खरीदे और गीता को भी इसके लिए तैयार कर लिया। हत्या के बाद सिमो को कृष्णा नदी में फेंक दिए। हत्या के बाद विपेंद्र ने ही बड़ौत कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल खंगाली तो बामनौली के विकास और एक अन्य युवक की सबसे ज्यादा बातचीत गीता से मिली। पुलिस को शक हुआ, सख्ती करते ही आरोपी टूट गए और हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस का कहना है कि गीता की कार में ही हत्या की। उस समय विकास कार चला रहा था और विपेंद्र ने दुपट्टे से गीता का गला दबाया। कॉल डिटेल में उनके मोबाइल की लोकेशन पहले सोनीपत में दिखी और इसके बाद मांगरौली के जंगल में, इसके बाद पुलिस को विकास और विपेंद्र पर शक गहरा गया।

मायके वाले बोले, विपेंद्र को फर्जी फंसाया
बामनौली निवासी गीता की शादी जून 1998 में विपेंद्र के साथ हुई। उसके एक बेटा और एक बेटी है। जो पढ़ाई कर रहे हैं। गीता की जानकारी मिलने के बाद परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। उसके भाई ज्ञानेंद्र का कहना है कि उनके जीजा विपेंद्र को पुलिस ने केस में फर्जी फंसाया है। वहीं विपेंद्र का भी कहना है कि उसने अपनी पत्नी की हत्या नहीं की है। उसको फर्जी फंसाया गया है।

घर के व्यक्ति पर ही था शक
गीता तोमर की हत्या उसके ही पति ने कराई है, इसको लेकर रामबाग कॉलोनी में सोमवार की सुबह से चर्चाओं का विषय रहा। कॉलोनी के लोगों का कहना था कि इस घटना में पहले से ही आशंका जताई जा रही थी कि इसमें बाहरी व्यक्ति का कोई हाथ नहीं है, यह मामला घर में ही है और पुलिस भी इसी बिंदु पर चल रही थी।

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