युवती ने कहा कि कार्ड व्हाट्सएप पर भेजने की जरूरत नहीं है, वह ऐसे ही निमंत्रण स्वीकार कर रही है। लेकिन बार-बार आग्रह करने के बाद उसने सहेली को अपना मोबाइल नंबर दे दिया। इसके बाद सहेली बार-बार कॉल कर उसे शादी में आने के लिए कहने लगी, जिस पर उसने कहा कि समय मिला तो वह शादी में जरूर आएगी। इतना सुनते ही सहेली भड़क गई और धमकी दी कि मेरी शादी में नहीं आई तो देखना मैं क्या करती हूं। तुझे समाज में कहीं भी मुंह दिखाने लायक नहीं छोडूंगी।
बचपन की सहेली होने के नाते युवती ने उसकी बात को अनसुना कर दिया। कुछ दिन बाद पता चला कि सहेली ने उसकी फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर अलग-अलग लोगों से बातचीत कर उसका मोबाइल नंबर वायरल कर दिया। जिसके बाद से उसके मोबाइल पर देर रात और सुबह-शाम अलग-अलग नंबरों से कॉल आती हैं।
कॉल करने वाले आपत्तिजनक बात करने का दबाव बनाते हैं। अब उसकी बहन के नंबर पर भी इस तरह की कॉल आने लगी हैं। इससे वह और उसकी बहन काफी डरी-सहमी हैं। मानसिक रूप से भी काफी परेशान हैं।
पीड़िता ने अपनी फर्जी फेसबुक आईडी बंद कराने और आरोपी सहेली के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत रिपोर्ट दर्ज की है।