फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जॉनी फालोअप

विज्ञापन
विज्ञापन
सिरफिरे कातिल जॉनी के सिर पर सवार था खून
विज्ञापन

बिजनौर। जॉनी के मरने के बाद पुलिस को उसके लिखे दो पत्र बरामद हुए हैं। एक पत्र पुलिस से घिरने पर आत्महत्या करने के बाद उसकी पैंट से मिला था, दूसरा पत्र उसके घर से बरामद हुआ है। इन दोनों पत्रों में उसने अपने साथ उन बातों को जिक्र किया है, जो उसके साथ हुई और जिनकी वजह से वह अपराधी बना। इन पत्रों से साफ जाहिर है कि उसकी मनोस्थिति ठीक नहीं थी और उसके सिर पर बदला लेने का खून सवार था। थाना पुलिस का भी मानना है कि सिरफिरा जॉनी और भी कत्ल कर सकता था।
पुलिस को घर से उसका जो पत्र बरामद हुआ है, उससे यह साफ हो रहा है कि वह परिजनों के व्यवहार से भी आहत था। उसे इस बात का भी गिला था कि उन्होंने उसकी भावनाओं को नहीं समझा। जॉनी ने पत्र में लिखा है कि उसकी बहन के साथ एक युवक ने छेड़खानी की तो उसने युवक को सबक सिखाया। बहन की डांस करते हुए वीडियो बना ली गई तो वीडियो बनाने वाले से वह भिड़ा। बहन की शादी में जो बाइक दी गई वह भी जॉनी के नाम थी। बहन ने दूसरी जगह शादी की तो उसने बहन का पूरी तरह साथ दिया। इसके बाद भी बहन उसे गलत ठहराती रही। जॉनी ने परिवार की मदद करने के बीस वाक्यों का जिक्र करते हुए कहा कि वह परिवार की हर परेशानी को दूर करता रहा, पर परिजनों ने कभी उसे नहीं समझा। सदा उसे वह गलत ही समझते रहे। वह चाहता था कि परिजन जो उसे गलत समझते हैं वे गिले शिकवे दूर हों। पर परिजनों ने कभी गिले शिकवे दूर नहीं किए। उसने परिवार के लिए कोई गलत काम नहीं किया। जॉनी अपनी मां से बेहद प्यार करता था। इसका भी जिक्र उसने घर से मिले पत्र में किया है। जॉनी ने कहा है कि मां की वजह से वह सबकुछ सहन करता रहा। मां जब बीमार हुई तो इलाज के लिए पैसों का इंतजाम करके लाया। जब घर आया तो मां की मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह बुरी तरह टूट गया और उसने मां की मौत के बाद दुश्मनों से बदला लेने की ठान ली।
विज्ञापन

सरेंडर करना चाहता था जॉनी
जॉनी तीन हत्या करने के बाद सरेंडर करना चाहता था। जॉनी ने पत्र में लिखा है कि बढ़ापुर थाने के कुछ पुलिसवाले बहुत अच्छे हैं। उनकी वह इज्जत करता है। उसकी भी पुलिसकर्मियों से जान पहचान है। वह इन पुलिसकर्मियों के माध्यम से बढ़ापुर थाने में सरेंडर करना चाहता था और उसने लिखा कि पुलिस उसके साथ मारपीट न करें। उसने यह भी लिखा कि पुलिस अच्छा काम कर रही है। उसने हत्याएं की हैं तो पुलिस उसे ढूंढ़ रही है। अगर उसका सहयोग करा जाएगा, पूछताछ के दौरान सख्ती न बरती जाए तो वह सरेंडर करने को तैयार है। जॉनी पत्र को पुलिस तक पहुंचाना चाहता था, लेकिन पहुंचा नहीं पाया।
कई बार किया अपमानित
जॉनी ने पत्र में कहा है कि वह गरीब है। राजनीतिक पहुंच नहीं है। समय समय पर उसे प्रताड़ित किया गया। उसके हक को दबा दिया जाता था। कभी कोई विवाद हुआ तो पांव छूकर उससे माफी मंगवाई गई। जितना उसे चाहा उतना अपमानित किया गया।
विज्ञापन

सुरक्षा वापस ली
जॉनी के खुदकशी करने के बाद पुलिस ने जॉनी के दुश्मन भीम सिंह के परिवार व राहुल व कृष्णा की हत्या के गवाहों की सुरक्षा वापस ले ली है। जॉनी के डर से उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उसके डर से उनके घर पर पुलिस का पहरा था। दौलताबाद में नितिका की हत्या के बाद उसके परिजनों की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उसे भी हटा दिया गया है।
रामलीला में रौनक बढ़ी
जॉनी के खुद को गोली से उड़ाने के बाद बढ़ापुर क्षेत्र की रामलीला में रौनक बढ़ने लगी है। जॉनी के डर से लोगों ने रामलीला में आना बंद कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें