इससे पहले दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को नावला कोठी पर लगाए गए जाम के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि लड़ाई तो अब आरपार की होगी। आंदोलन से ही किसान बचेगा। वहीं पुलिस भंगेला चेक पोस्ट पर इन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन किसान रुके नहीं और आगे बढ़ गए।
उधर, मेरठ में भाकियू ने कंकरखेड़ा के गांव जिटौली के सामने करीब चार घंटे तक एनएच-58 जाम रखा। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे मुजफ्फरनगर से कार्यकर्ताओं के साथ भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत रुड़की रोड स्थित टोल प्लाजा पहुंच गए। इस दौरान करीब आधा घंटे तक टोल फ्री रहा। इसके बाद किसानों ने टोल को सुचारु कराकर उसके पास ही हाईवे पर डेरा डाल लिया।
शामली में मेरठ-करनाल हाईवे पर झिंझाना में भी शुक्रवार को गाड़ीवाला चौक पर साढ़े चार घंटे चक्का जाम किया। दिल्ली कूच कर रहे करीब 200 किसान नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर बसों में बैठा लिया और थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़ दिया।
वहीं बागपत में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोनीपत हाइवे तीन घंटे जाम किया। बरात की गाड़ियां भी जाम में फंसी रही। बरातियों की भाकियू कार्यकर्ताओं से नोकझोंक हुई। बाद में गाड़ियों को निकलवा दिया। सहारनपुर में भी शेरपुर के पास दिल्ली-देहरादून हाईवे को पांच घंटे जाम रखा। बिजनौर में गंगा बैराज सहित करीब 15 स्थानों पर जाम लगाया।
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