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एडीएम से भिड़े भाजपाई, अभद्रता कर कागज छीने, हंगामा  

Sat, 15 Apr 2017 04:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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एडीएम से भिड़े भाजपाई
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निशाने पर आए जिला आपूर्ति विभाग में शुक्रवार को भाजपाइयों ने सरकारी अवकाश में राशन कार्डों का बैक डेट में फीड करने का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। मौके से भागते लोगों से कागजों का पुलिंदा छीन लिया। जिसे डीएम की सूचना पर वहां पहुंचे एडीएम ई को सौंप दिया। एडीएम ने जब कागज लिखित में देने की बात कही तो भाजपाई उनसे ही भिड़ गए। सत्ता के नशे में चूर होकर न केवल एडीएम से अभद्रता की बल्कि उनसे कागज छीनकर आरोप भी लगा दिए। बाद में फोन आने पर कागज वापस सौंपे। 
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डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने प्रेस कांफ्रेेंस कर लगाया था आरोप

भाजपाईयों ने एडीएम से छीने कागज
बुधवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने प्रेस कांफ्रेेंस में आरोप लगाया था कि राशन कार्डों में भारी घपला हो रहा है। जिले में ही आपूर्ति विभाग करीब छह करोड़ रुपये प्रति माह का घोटाला कर रहा है। उन्होंने 346 पेज की साक्ष्यों सहित शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी थी। सूत्रों के अनुसार सीएम ने तमाम जिलों में खाद्यान्न घोटालों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मेरठ की जांच में वाजपेयी के आरोप और साक्ष्यों को विशेष रूप से शामिल करने को कहा है। इसकी सूचना पर आपूर्ति विभाग में खलबली मच गई। 

दफ्तर खुला तो दौड़े भाजपाई

एडीएम को जानकारी देते अधिकारी
शुक्रवार को डॉ. अंबेडकर जयंती का अवकाश था, फिर भी आपूर्ति विभाग का दफ्तर खुला। भाजपाइयों को पता चला कि कार्यालय में राशन कार्डों की बैक डेट में फीडिंग हो रही है। डॉ. वाजपेयी ने इसकी सूचना डीएम समीर वर्मा को दी। डीएम ने एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र को तुरंत छापा मारने के निर्देश दिए। जैसे ही दिनेश चंद्र एमडीए परिसर स्थित आपूर्ति विभाग के दफ्तर पहुंचे, वहां मौजूद एक व्यक्ति और उसके साथ मौजूद तीन युवती और दो युवक कागजों का पुलिंदा लेकर भाग निकले। लेकिन पहले से मौजूद भाजपाइयों ने इन्हें पकड़कर कागज लेकर एडीएम को सौंप दिए। कागजों का पुलिंदा राशन कार्डों के आवेदन पत्र थे। 

एडीएम ने लिखित में मांगा तो भड़क गए भाजपाई

एडीएम से भिड़े भाजपाई
एडीएम ने जब यह भाजपाइयों से ये कागज उन्हें लिखित में सौंपने की बात कही तो इस पर भाजपाई भड़क गए। कहा कि यह काम एडीएम को करना चाहिए था। लेकिन यदि भागते युवकों से आवेदन लेकर वह उन्हें सौंप रहे हैं, तो इसमें लिखकर क्यों दे। भाजपाइयों ने एडीएम से फार्म छीन लिए और खुद डीएम को देने की बात कही। इस दौरान भाजपाइयों का व्यवहार पूरी तरह सत्ता के मद में चूर होने वाला नजर आ रहा था। एडीएम ने कई बार भाजपाइयों को मर्यादा में और शांति के साथ बातचीत करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं सुनी। हालांकि कुछ देर में कहीं से किसी कार्यकर्ता के पास फोन आने पर भाजपाई शांत हुए और एडीएम को कागजों का पुलिंदा वापस देकर चले गये। इस दौरान भाजयुमो के महानगर अध्यक्ष विवेक वाजपेयी, नरेंद्र उपाध्याय, वेद पांडे, अखिलेश शास्त्री, प्रवीण शर्मा, सोनू, चिराग मौजूद रहे।
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संयमित नहीं था भाजपाइयों का व्यवहार

छुट्टी के दिन यही व्यक्ति पहुंचा था ऑफिस
अपर जिलाधिकारी प्रशासन दिनेश चंद्र ने बताया कि डीएम को किसी ने आपूर्ति विभाग का दफ्तर खुला होने पर कुछ गलत होने की शिकायत की थी। जिस पर मैं डीएम के निर्देश पर पहुंचा था। वहां एआरओ मनोज कुमार मौजूद थे। जिन्होंने बताया कि वह काफी दिनों से लंबित आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं। अवकाश में सरकारी दफ्तर खुलना गलत नहीं है। सिर्फ निबंधन कार्यालय और कोषागार को छोड़कर बाकी सभी कार्यालय अवकाश में खुल सकते हैं। प्रथम दृष्टया मुझे कुछ गलत नहीं लगा है, फिर भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने जो कागजों का पुलिंदा मुझे दिया है, उसे प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट दिव्या मित्तल को जांच के लिए सौंप दिया है। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं का जो व्यवहार था, वह संयमित नहीं था।
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