यूपी के बिजनौर शहर में बाजा बजाने को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया था कि मामला थाने पहुंच गया। इसके बाद दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
वहीं एडीजे फास्ट ट्रैक डॉ. पल्लवी अग्रवाल ने गांव मुंदरा में बाजा बजाने को लेकर हुए विवाद में बारातियों से मारपीट करने के पांच आरोपियों को दो-दो वर्ष के कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोष सिद्ध न होने पर 18 आरोपियों को बरी कर दिया है।
शासकीय अधिवक्ता इसरार अली के अनुसार थाना मंडी धनौरा के गांव रसूलपुर माफी निवासी निर्देश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने भतीजे सतीश कुमार की बारात में थाना चांदपुर के गांव मुंदरा में दस मई 2014 को आया था। बारात में उसके साथ धर्मेंद्र, अजय पाल, अरवेंद्र, हरस्वरूप आदि करीब 125 आदमी आए थे। घुड़चढ़ी समाप्त होने के बाद जब खाने की तैयारी चल रही थी तो शाम के साढ़े चार बजे गांव मूंदरा के राजू, कुंवर सेन, बबलू, नकुल, कैलाश, विक्रम, शिवलाल, जितेंद्र, रिंकू, मोहित पुत्र जबर सिंह, कपिल, ओमकार, राहुल, कुलदीप, धर्मेंद्र, हरस्वरूप, जसवंत, भूरे, मोहित पुत्र मदन, धर्मपाल, मुखराम, ट्विंकल और मुन्नी आए और बाजा बंद करने को कहने लगे। बारातियों ने जब इसका विरोध किया तो उन पर हमला कर दिया और लाठी डंडों व चाकू आदि से मारपीट की गई। लड़की पक्ष के लोगों ने उन्हें बचाया।
इस घटना में अनेक बारातियों के चोट आईं थीं। कोर्ट ने मारपीट की इस घटना में राजू, हरस्वरूप, कुंवरसेन, रिंकू, मुन्नी को बलवे और मारपीट को दोषी मानते हुए दो दो वर्ष की सजा सुनाई है। बाकी सभी आरोपियों को बरी कर दिया है।
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