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बिजनौर प्रबल हत्याकांड: 14 साल बाद मिला इंसाफ, सात दोषियों को उम्रकैद, पीट-पीटकर हत्या कर नदी में फेंका था शव

Fri, 31 Jul 2026 02:43 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनाैर

सार

बिजनौर के 14 साल पुराने प्रबल हत्याकांड में सात दोषियों को अदालत ने सुनाई उम्रकैद। 19 दिसंबर 2012 को अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान हुई थी प्रबल की हत्या। मामले में 12 अन्य लोगों को आरोपी बनाने की याचिका पर 4 अगस्त को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी।
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कोर्ट परिसर में दोषी, मीडिया से बात करती प्रबल की बहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर जिले के बहुचर्चित प्रबल हत्याकांड में 14 साल बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सात दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इससे पहले अदालत सभी आरोपियों को दोषी करार दे चुकी थी। इस मामले में अब 12 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका पर 4 अगस्त को सुनवाई होनी है।

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अग्रसेन जयंती कार्यक्रम में हुई थी हत्या
यह मामला 19 दिसंबर 2012 का है। शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित अग्रसेन जयंती कार्यक्रम के दौरान प्रबल की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंक दिया गया था।
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पुलिस ने जांच के बाद 26 जुलाई 2013 को संजय गुप्ता एडवोकेट, विनय अग्रवाल, अपूर्व अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, अनुज अग्रवाल, राहुल गुप्ता और आशीष उर्फ आशु के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

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अदालत ने सातों दोषियों को सुनाई उम्रकैद
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषी ठहराया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस हत्याकांड के छह महीने बाद प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल का भी सदमे में निधन हो गया था। इसके बाद प्रबल की बहन प्राची ने पूरे मामले की पैरवी जारी रखी।

12 अन्य लोगों पर हाईकोर्ट में सुनवाई बाकी
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अहमद जकावत के अनुसार, प्रारंभिक एफआईआर में पांच लोगों को नामजद किया गया था। बाद में प्रार्थना पत्र के जरिए 12 अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को दिए गए थे। जांच के दौरान इन नामों पर विचार किया गया, लेकिन चार्जशीट में उन्हें शामिल नहीं किया गया।

इन 12 लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर 4 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। यदि हाईकोर्ट याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देता है, तो इन 12 लोगों के खिलाफ भी मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो सकता है।
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