अदालत ने सातों दोषियों को सुनाई उम्रकैद
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सभी सात आरोपियों को दोषी ठहराया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस हत्याकांड के छह महीने बाद प्रबल के पिता आलोक अग्रवाल का भी सदमे में निधन हो गया था। इसके बाद प्रबल की बहन प्राची ने पूरे मामले की पैरवी जारी रखी।
12 अन्य लोगों पर हाईकोर्ट में सुनवाई बाकी
मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अहमद जकावत के अनुसार, प्रारंभिक एफआईआर में पांच लोगों को नामजद किया गया था। बाद में प्रार्थना पत्र के जरिए 12 अन्य लोगों के नाम भी पुलिस को दिए गए थे। जांच के दौरान इन नामों पर विचार किया गया, लेकिन चार्जशीट में उन्हें शामिल नहीं किया गया।
इन 12 लोगों को भी आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर 4 अगस्त को सुनवाई प्रस्तावित है। यदि हाईकोर्ट याचिकाकर्ता के पक्ष में फैसला देता है, तो इन 12 लोगों के खिलाफ भी मुकदमा चलाने का रास्ता साफ हो सकता है।