भीम आर्मी के कार्यकर्ता व मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 176 लोगों को शांति भंग करने एवं जिले में लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के आरोप में कलक्ट्रेट गेट से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों को बसों में बैठाकर पुलिस लाइन में भेजा गया। इनमें भीम आर्मी के पदाधिकारियों जिला प्रभारी प्रवीण गौतम, जिलाध्यक्ष रोहित राज गौतम, विधानसभा नकुड़ प्रभारी सचिन, नगर अध्यक्ष प्रदीप जाटव, देवबंद विधानसभा अध्यक्ष शौर्य आंबेडकर, जिला मीडिया प्रभारी अजय गौतम, जिला उपाध्यक्ष विनोद गौतम समेत 139 पुरुषों को गिरफ्तार किया गया, जबकि गिरफ्तारी देने वाली महिलाओं की संख्या 37 रही। दोपहर बाद सभी को पुलिस लाइन से ही निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि गिरफ्तार सभी लोगों को निजी मुचलके पर छोड़ा गया है।
चंद्रशेखर, कमल वालिया के परिवार ने बनाई दूरी
घुन्ना प्रकरण में बनाए गए आरोपियों के समर्थन में भीम आर्मी द्वारा जेल भरो आंदोलन से भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर, राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन के परिवार ने दूरी बनाए रखी। इन पदाधिकारियों के परिवार का एक भी व्यक्ति न तो आंदोलन में शामिल हुआ और न ही गिरफ्तारी दी। जिला प्रभारी प्रवीण गौतम का कहना है कि कमल सिंह वालिया की मां कांति देवी आंदोलन में शामिल होने के लिए आ रहीं थीं, लेकिन उनकी तबियत खराब हो गई। संस्थापक चंद्रशेखर के परिवार से कोई शामिल नहीं हुआ।
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कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका गया: कमल वालिया
भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया ने कॉल करके आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जगह-जगह रोका, कलक्ट्रेट तक पहुंचने नहीं दिया। पुलिस उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।
निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद संगठन ने किया आंदोलन
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि एक संगठन जो अराजक तरीके से शांति व्यवस्था भंग करना चाहता है, उसने जेल भरो आंदोलन का आह्वान किया था। बताया गया था कि जिले में निषेधाज्ञा लागू है, लेकिन संगठन के लोग नहीं माने और कलक्ट्रेट पर एकत्रित हुए। जिसके बाद लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गैर सामाजिक क्रिया कलाप के संगठन का आंदोलन : एसएसपी
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि मुकदमे को समाप्त करने के लिए दोषी लोगों को बचाने के लिए गैर सामाजिक क्रिया कलापों में शामिल संगठन के कुछ लोक सरकार और पुलिस पर दबाव डालने के लिए जेल भरो आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन पुलिस दोषियों पर कार्रवाई करेगी। जो निर्दोष हैं उनको परेशान नहीं किया जाएगा।
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