प्रदर्शनकारियों ने बस को किया आग के हवाले
- फोटो : अमर उजाला
एससी-एसटी एक्ट में संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार को दलितों के भारत बंद के दौरान देशभर में जमकर हिंसा हुई, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, ओडिशा, गुजरात, झारखंड व महाराष्ट्र रहे।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भिंड में दो-दो एवं मुरैना व डबरा में एक-एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, मेरठ और फिरोजाबाद में एक-एक तथा राजस्थान के अलवर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बिहार के हाजीपुर और उत्तर प्रदेश के बिजनौर में आंदोलनकारियों ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया जिसके चलते एक नवजात और एक मरीज ने दम तोड़ दिया। कई राज्यों में परिवहन एवं संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप रही।
दलित संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जमकर हिंसा हुई। मेरठ में कंकरखेड़ा क्षेत्र स्थित शोभापुर पुलिस चौकी में उपद्रवियों ने आग लगा दी।साथ ही इंस्पेक्टर नौचंदी की जीप फूंक डाली। मुजफ्फरनगर में आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव कर रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस की फायरिंग में एक युवक अमरेश पुत्र सुरेश निवासी गांव गादला, थाना भोपा की मौत हो गई। मेरठ में हिंसा के दौरान घायल हुए युवक अंकुर की मौत हो गई।
प्रदर्शन करते दलित समाज के लोग
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इसके अलावा दो युवक घायल हो गए। वहीं मेरठ में उपद्रवियों की ओर से की गई फायरिंग में हसनपुर, भावनपुर निवासी 25 वर्षीय युवक अंकुर पुत्र सौदान बुरी तरह घायल हो गया। उसके पेट में गोली लगी है। गंभीर हालत में उसे दिल्ली एम्स ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई। वहीं मेरठ में रोडवेज की चार बसें फूंक दी गई। 60 से अधिक बसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दी गईं। बीस से ज्यादा बाइकें फूंकी गई।
सैकड़ों निजी वाहनों को भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। रेल यातायात करीब सात घंटे ठप रहा। मेरठ में 50 और मुजफ्फरनगर में 117 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, मेरठ की हिंसा में 40 पुलिसकर्मी सहित 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में एसपी सिटी मेरठ मान सिंह चौहान भी शामिल हैं। उ
मुजफ्फरनगर में बवाल करने वाले कुछ लोगों को पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर पर भीड़ ने पुलिस पर पथराव किर दिया। नई मंडी कोतवाली पर भी दो बार पथराव किया गया। यहां भीड़ ने कोतवाली परिसर और कोतवाली के सामने खड़े वाहनों में आग लगा दी। एक बस,13 कारें और पांच बाइकों सहित करीब 22 वाहन फूंक दिए गए हैं। जानसठ रोड पर टकनपुर से मुजफ्फरनगर आ रही रोडवेज बस में भी आग लगा दी गई।
रेलवे स्टेशन पर गेटमैन प्रताप सिंह के पेट में उपद्रवियों ने सरिया घुसा दिया। पीएनबी के एटीएम और उसकी कैश वैन में भी तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। भीड़ को खदेड़ने को पुलिस ने दो बार फायरिंग की। बंद समर्थकों के बवाल के बाद मुजफ्फरनगर पहुंचे पुलिस उप महानिरीक्षक शरद सचान ने दूरभाष पर बताया कि रेंज में बंद के दौरान सबसे ज्यादा बवाल मुजफ्फरनगर में हुआ है। उपद्रवियों ने नई मंडी थाने पर पथराव करने के साथ करीब 20 वाहनों में आग लगाई है। कोच्चि एक्सप्रेस में भी आगजनी की कोशिश हुई।
पथराव, तोड़फोड़, आगजनी में मुकदमे दर्ज कर 117 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फरार अन्य लोगों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे है। उपद्रवियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। शामली में बंद समर्थकों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। यहां से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मेरठ में उपद्रवियों ने कंकरखेड़ा बाईपास, कचहरी और शहर के कई हिस्सों में पेट्रोल पंप और दुकानों समेत 500 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ कर दी गई।
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