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भेड़ियों से सावधान: बहराइच में हमलों के बाद मेरठ समेत पांच जिलों में अलर्ट, वन विभाग ने बढ़ाई गश्त

Tue, 03 Sep 2024 11:23 AM IST
डिंपल सिरोही रविंद्र चाैहान, संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ

सार

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों ने अब तक आठ बच्चों और एक महिला की जान ले ली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हस्तिानपुर सेंक्चुरी में साै से ज्यादा भेड़िए हैं, ऐसे में वन विभाग ने भेड़ियों को लेकर अलर्ट किया है।
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मेरठ में भेड़िए का अलर्ट - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों ने आठ बच्चे और एक महिला की जान ले ली। बहराइच से लगभग पांच सौ किमी दूर हस्तिनापुर सेंक्चुरी में 100 से अधिक भेड़िये हैं। क्षेत्र के गांवों में भेड़ियों की चर्चाएं शुरू हो गईं हैं। अफसरों के निर्देश पर वन विभाग भी यहां अलर्ट हो गया है। 

मेरठ सहित आसपास के पांच जिलों (बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा, हापुड़) में फैली करीब 2073 वर्ग किमी मीटर के बड़े भूभाग में हस्तिनापुर सेंक्चुरी में करीब 100 से अधिक भेड़िये हैं।

भेड़िये झुंड में छोटे बच्चों पर हमला करते हैं। भेड़िए जंगलों में छोटे जानवरों का शिकार करते हैं। जिला वन अधिकारी का कहना है कि हस्तिनापुर सेंक्चुरी में इनके भोजन का पूरा प्रबंध रखता है, जिससे ये जंगल से बस्ती में न आएं।
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बहराइच में भेड़िए की माैत के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
दो किमी तक सुन और सूंघ सकते हैं भेड़िये 
भेड़िया विलुप्तप्राय वन्य जीव की श्रेणी में शामिल है। इनके संरक्षण के लिए हर साल 13 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय भेड़िया दिवस मनाया जाता है। भेड़िया जो दो किमी की दूरी से सुन और सूंघ सकता है।

इसके हूंकने की आवाज 180 डेसिबल तक हो सकती है। ये 70 से 80 किमी प्रति घंटे की गति से दौड़ता है। एक झुंड में लगभग दस भेड़ियों का परिवार रहता है। झुंड का नेतृत्व माता-पिता करते हैं। भेड़िये इंसान से डरते हैं।

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wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
तेंदुए भी मौजूद लेकिन नहीं हुई गणना 
हस्तिनापुर सेंचुरी में तेंदुए भी मौजूद हैं। लेकिन इनकी कई वर्षों से गणना नहीं हुई है। वर्ष 2016 में एक तेंदुआ मेरठ के कैंट एरिया में पहुंच गया था। उसने एक व्यक्ति को हमला कर घायल कर दिया था। लेकिन इसके अतिरिक्त ऐसी घटना सामने नहीं आई। जिसमें किसी जीव ने इंसान पर हमला किया हो।  

 

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wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
ड्रोन और ट्रैप कैमरे से करेंगे निगरानी
जिला वन अधिकारी का कहना है कि उनके पास भेड़ियों की निगरानी और हर हालात से निपटने के लिए पर्याप्त उपकरण हैं। ड्रोन कैमरा, ट्रैप कैमरा आदि से इनकी निगरानी कर लोकेशन का पता लगा लिया जाता है। 
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मेरठ वन विभाग - फोटो : अमर उजाला
गश्त और निगरानी बढ़ा दी गई है। भेड़ियों के हमले का सांख्यिकीय जोखिम शून्य से ऊपर है। जितना इंसान उनसे डरते हैं, उतना ही भेड़िये भी इंसान से डरते हैं। अक्सर देखा गया है कि जंगलों में कोई इंसान मौजूद होता है तो वे भाग जाते हैं। दस साल के उनके कार्यकाल में क्षेत्र में कभी भी भेड़िये ने किसी इंसान पर हमला नहीं किया है। -राजेश कुमार, जिला वन अधिकारी मेरठ
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