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Meerut News: त्याेहारों से पहले सिंथेटिक मावा बनाने वालों पर प्रशासन कसेगा शिकंजा

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नकली मावा बनाने वालों की जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा
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सरधना। आगामी त्योहारों से पहले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में सिंथेटिक मावा बनाने वालों पर प्रशासन शिकंजा करने की तैयारी में जुट गया है। एसडीएम ने खाद्य आपूर्ति विभाग को पत्र भेजने की तैयारी की शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से की अपील की है कि सिंथेटिक मावा के रूप में जहर बनाने वालों के बारे में जानकारी दी जाए।
आगामी दिनों में दशहरा से त्योहारों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ऐसे में मिठाइयां सहित अन्य पकवान भी बनेंगे। दीपावली के आसपास लोग अपने संबंधियों को मावा से बनी मिठाइयां भेंट करते हैं जिसमें नगर व देहात क्षेत्र के गांव मुल्हेड़ा, कालंद, कालंदी, भामौरी, रार्धना, कुशावली, छबड़िया व छुर आदि में बड़ी मात्रा में सिंथेटिक मावा तैयार कर सप्लाई किया जाता है। सरूरपुर क्षेत्र के कई गांवों में दीपावली और होली से लगभग एक माह पहले मावा बनाने के लिए भट्ठियां सुलगने लगती हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो सिंथेटिक मावा तैयार करते हैं। इसके बाद यह मावा देश की राजधानी दिल्ली सहित अन्य जगह बड़ी मात्रा में सप्लाई होता है।
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हालांकि, इस बीच खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारी मावा और रसगुल्ले के भी नमूने लेते हैं। ऐसे में मंगलवार को एसडीएम उदित नारायण ने स्टेनो को निर्देश जारी किए। वह एक पत्र खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारी को भेजें जिसमें त्योहार के मद्देनजर फूड अधिकारी क्षेत्र में रहकर अलर्ट मोड पर रहें। साथ ही बीते दो वर्षों में खाद्य पदार्थ के जितने नमूने लिए हैं उनकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें कि नमूना फेल होने पर क्या कार्रवाई हुई।
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एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कस्बे व देहात क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि अगर किसी भट्ठी पर सिंथेटिक मावा बन रहा है तो उसकी जानकारी उन्हें दें। ताकि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि जानकारी देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
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