पीली नदी में डूबने से तीन भाइयों की मौत का मामला
ग्रामीण बोले, पुल बन गया होता तो बच जाती तीनों भाइयों की जान
हादसे के लिए अफसर भी जिम्मेदार, उन पर भी हो कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव रफैतपुर में पीली नदी में डूबने हुई तीन युवकों की मौत से जहां गांव में शोक की लहर है, वहीं ग्रामीणों में रोष भी है। ग्रामीण 20 वर्षों से पीली नदी पर लगातार शासन और प्रशासन के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों से पुल बनवाने की मांग करते चले आ रहे है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस हादसे के लिए अफसर भी जिम्मेदार है, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीण कमल कुमार, यशंवत सिंह, राजवीर सिंह, मुकेश कुमार ने बताया कि पीली नदी के पार गांव रफैतपुर से करीब 5-6 गांव जटपुरा, महावतपुर, शेरगढ़, न्यादरी, बेरखड़ा आदि जुड़ते हैं। रफैतपुर से पीली नदी तक तथा बरखेड़ा से गांव रफैतपुर के पास नदी नदी तक पक्की सड़क का निर्माण हो चुका है, किन्तु पुल नहीं बन पाया है। यदि समय से पुल का निर्माण करा दिया जाता तो इतनी बड़ी घटना नहीं घटती। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से पुल निर्माण कराने की मांग की है।
परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की मांग
ग्रामीण चन्द्रवीर, अजीत, सौरभ, विपिन, सुरेन्द्र व सत्यप्रकाश आदि का कहना है कि पीली नदी में डूबने वाले युवकों के परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। बड़ा भाई ओमप्रकाश विवाहित है और उसके तीन छोटे बच्चे भी है। वहीं अन्य दोनों भाई तेजपाल सिंह व जय सिंह अविवाहित है। तीनों भाई मजदूरी करके अपने परिवार का पालन करते है। ओमप्रकाश की पत्नी असहनीय दुख के कारण लगातार रोते रोते बेहोश हो रही है। वहीं अन्य परिजनों का भी रो रोकर बुरा हाल है। तीन मौत के बाद पीड़ित परिवार के सामने आर्थिक संकट के साथ खाने पीने में भी परेशानी झेलनी होगी। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
अफसरों ने ली घटना स्थल पर जानकारी
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम धामपुर रितु चौधरी मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी हासिल की। इसके बाद अग्निशमन व फ्लड यूनिट के गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। फ्लड यूनिट की टीम ने मोटरबोट नदी में उतारकर युवकों को तलाशने का कार्य किया। देर रात तीनों के शव मिल गए।