मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया बांग्लादेशी आतंकी अब्दुल्ला अल मॉमून ने पूछताछ में एटीएस टीम को बताया कि वह नकली आईडी फैजान की मदद से बनाता है, जिस पर देवबंद में फैजान के किराए के कमरे पर दबिश दी गई, लेकिन वह वहां नहीं मिला। कमरे की तलाशी में बांग्ला भाषा में जेहादी साहित्य, बम बनाने की विधि का साहित्य, कलर प्रिंटर, कई नकली आईडी मिले हैं। यह स्पष्ट हुआ है कि फैजान भी बंगलादेशी आतंकी है और 'अन्सारुल्ला बांग्ला टीम' से जुड़ा है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर के रहने वाले संदिग्ध आतंकी संदीप की गिरफ्तारी के बाद से ही एटीएस की टीम सहारनपुर में डेरा डाले हुए थी। मुजफ्फरनगर के चरथावल से पकड़ा गया अब्दुल्ला बांग्लादेश का रहने वाला है। यह वर्ष 2011 से देबवंद में रह रहा था। इसके पास से एटीएस ने फर्जी आईडी, अधिकारियों की मोहरे और पासपोर्ट बरामद किया है। देवबंद में इसका एक साथी फैजान भी रह रहा था, जो बांग्लादेशी है। फैजान के जरिए आतंकियों की फर्जी आईडी तैयार कराता था। इसके आधार पर ही वह आतंकियों को शरण दिलवाता था। अन्सारुल्ला बांग्ला टीम कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन द्वारा गठित किए गए आतंकवादी संगठन ‘अलकायदा’ से प्रेरित तन्जीम बतायी जाती है।