एक बैंक के शाखा प्रबंधक ने बताया कि उनके यहां अब तक तकरीबन 50 लाख रुपये के गुलाबी नोट बदले जा चुके हैं। इनके बदले में 500 के नोट दिए गए। यदि ग्राहकों को छोटे नोट दिए जाते हैं तो आनाकानी करते हैं। ऐसे में सारा बोझ 500 के नोटों पर है। मुश्किल यह है कि एक दो हजार के नोट के बंडल के बदले 500 के चार बंडल खपत में जा रहे हैं। बैंक में सर्वाधिक राशि दो हजार रुपये की आई है। इसको दोबारा प्रयोग में लिया नहीं जा सकता। आरबीआई से इस राशि के बदले करेंसी आने में समय लगेगा। इसलिए फिलहाल किल्लत हो गई है।
नहीं मिले 500 के नोट, थमा दी 100 और 200 की गड्डी
बिजरौल रोड निवासी सोनू तोमर ने बताया कि नगर की एक बैंक शाखा में 500 के नोट की एक गड्डी लेने गए थे, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने साफ इंकार कर दिया और कहा कि 500 के नोट नहीं आ रहे हैं, काफी आग्रह किया तो उन्होंने 100 ओर 200 रुपयों की गड्डी थमा दी।
बबलू मलिक ने बताया कि 2000 के नोट जमा कराए थे, बदले में 500 के नोट लेने थे, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने इनकार कर दिया। उसके बदले 200 रुपयों के नोट की गड्डी थमा दी।
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छोटे नोट चलन में
नई करेंसी में रखे हुए सभी छोटे नोट बैंकों को भेज दिए गए हैं। सिक्कों को लेने का भी आग्रह किया जा रहा है। कुछ बैंकों ने तो गंदे और कटे फटे नोटों को चलाना शुरू कर दिया है। अधिक बिक्री वाले खाताधारकों से दिन में दो बार नकदी जमा करने का आग्रह किया जा रहा है।
यह बात सही है कि 2000 का एक नोट बदलने में 500 के चार नोट की खपत बढ़ गई है, जिस कारण थोड़ी दिक्कत उत्पन्न हुई है। 500 के नोट की डिमांड भेजी गई है, लेकिन मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम है। उन्होंने ग्राहकों से सहयोग की अपील की। - राजेश पंत, एलडीएम