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बागपत: प्रधान के पति की हत्या में पांच अभियुक्तों को उम्रकैद, आठ साल बाद मिला इंसाफ

Mon, 02 Nov 2020 08:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

- 27 सितंबर 2012 में निरपुड़ा में ही अंजाम दी गई थी वारदात
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court - फोटो : court
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विस्तार
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बागपत जनपद के दोघट थाना क्षेत्र के निरपुड़ा गांव की प्रधान मुनेश देवी के पति ब्रजपाल की आठ साल पहले गांव में ही हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला जज संतोष राय की कोर्ट ने सुनाया। इस मामल में दो आरोपियों की पत्रावली अलग चल रही है।
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डीजीसी फौजदारी सुनील पंवार और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता केपी सिंह ने बताया कि 27 सितंबर 2012 की शाम लगभग पांच बजे निरपुड़ा की साप्ताहिक पैठ से सब्जी लेकर लौट रहे ब्रजपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी वर्तमान प्रधान मुनेश देवी ने गांव के इकबाल, रामबली, ओमप्रकाश समेत अन्य चार पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने सात अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

आरोपियों में  सुधीर, कालू, नीरज और बाबू  भड़ल का नाम जोड़ा गया था। मामले की सुनवाई जिला जज संतोष राय की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए।

फरार होने के कारण आरोपी कालू व रामबली की पत्रावली अलग कर दी गई। सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इकबाल, ओमप्रकाश, सुधीर, नीरज और बाबू  भड़ल को दोषी करार दिया।

धारा 302 में उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 307 में सात साल पांच हजार रुपये अर्थदंड, धारा 148 में दो साल दो हजार रुपये अर्थदंड और धारा  506 में चार साल और तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

ओम प्रकाश और सुधीर को आर्म्स एक्ट में दो साल की सजा और दो हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माने की धनराशि से 80 प्रतिशत वादी को देने होंगे। बाबू भड़ल और ओमप्रकाश दोघट थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं।
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यह था रंजिश का कारण
निरपुड़ा गांव के इकबाल के बेटे कविंद्र की साल 2009 में निरपुड़ा में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या में ब्रजपाल को 120बी का आरोपी बनाया गया। अदालत से ब्रजपाल को बरी कर दिया गया था। इसी रंजिश में इस वारदात अंजाम दिया गया।

कालू की पत्रावली अलग, रामबली का सुराग नहीं
आरोपी कालू कई साल फरार रहा था। बाद में पुलिस ने पकड़कर  उसे अदालत में पेश किया। उसकी पत्रावली अलग चल रही है। आरोपी रामबली फरार है, जिसका सुराग आज तक पुलिस नहीं लगा सकी है।

गवाह पर हुआ था हमला
पिता के केस की पैरवी करने के दौरान मृतक के बेटे गवाह निश्चय राणा पर भी गुफा मंदिर के पास हमला हुआ था। बाद में उसे सुरक्षा दिलाई गई। अभियोजन पक्ष ने 12 गवाह पेश किए।

प्रधान ने कहा मिला इंसाफ
निरपुड़ा की प्रधान मनुेश देवी सोमवार को अदालत पहुंची। उन्होंने कहा कि पति की हत्या में आठ साल बाद उन्हें इंसाफ मिला है।
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