गन्ना लेने में किसानों का पूरा शोषण किया जा रहा है। 2016 में मिल की तरफ अगेती एवं उन्नतशील प्रजाति को 88 की बुआई के लिए अभियान चलाया, लेकिन अब 2020 में इस प्रजाति की जो पेड़ी है उसकी पर्चियां नहीं दी जा रही है। पांच दिसंबर को इस संबंध में एक आवेदन पत्र जिलाधिकारी को भी दिया। उन्होंने पेड़ी गन्ना के खरीद के आदेश दिए।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में गन्ना पर्यवेक्षक ने सर्वे किया और खेतों पर जाकर गन्ने की प्रजाति की जांच की और हमें आश्वासन दिया कि पूरे गन्ने की पर्ची कलेंडर में लगा दी जाएगी, लेकिन मिल का छठा सप्ताह चल रहा है अभी तक हमें कोजा 88 सामान्य की पर्चियां नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा यदि इन समस्याओं का निदान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।