बागपत में कचहरी से तारीख भुगत कर गाड़ी में जिला कारागार जा रहे बंदियों में जमकर मारपीट हुई। झगड़े में सात बंदी घायल हो गए। इतना ही नहीं जेल के गेट पर भी बंदियों में मारपीट हुई। बंदी रक्षकों ने उन्हें काबू में किया। बंदी प्रमोद गांगनौली व अजीत उर्फ हप्पू गैंग के बताए जा रहे हैं।
एक लाख के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली का भाई रवि, बावली निवासी मनीष उर्फ अन्ना, काठा निवासी अनिल, बिनौली निवासी अंकित, टोनी, टीटू को जिला कारागार से हत्या के मामलों में पुलिस मंगलवार को न्यायालय में पेशी पर लेकर आई। कचहरी की हवालात में बंदियों के बीच रंजिश को लेकर कहासुनी हो गई। पुलिस पेशी के बाद सभी बंदियों को गाड़ी से जेल लेकर जा रही थी। रास्ते में गाड़ी में ही बंदियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। दोनों पक्षों में जमकर लात घूंसे चले। वहां मौजूद कुछ पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह उन्हें शांत किया। जेल के गेट पर पहुंचने के बाद बंदियों में फिर से मारपीट हो गई। झगड़े में सभी बंदी घायल हो गए। बंदी रक्षकों ने हल्का बल प्रयोग कर बंदियों पर काबू पाया।