हिंदू राष्ट्र में नहीं बोलेगा कोई कि भारत तेरे टुकड़े होंगे
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना करते हुए कहा कि हिंदू राष्ट्र बनने के बाद सनातन पर उंगली उठाना बहुत ही निंदनीय कृत्य होगा। वर्तमान में भी है लेकिन दंड की प्रक्रिया बन जाएगी। फांसी की सजा होगी। दुबई और यूएई में सबको रहने का अधिकार है पर प्रथम प्राथमिकता मुस्लिम को है। ऐसे ही हिंदू राष्ट्र पर सबको रहने का और अपनी संस्कृति के पालन का अधिकार होगा।
प्रथम सनातन को अधिकार मिलेगा। हिंदू राष्ट्र में गो माता को राष्ट्र माता कहा जाएगा। विश्व को एक सूत्र में पिरोने का संकल्प होगा। जात-पात, छुआ-छूत के नाम पर होने वाली राजनीति शून्य होगी। भारत भेदभाव मुक्त होगा। तिरंगे का सम्मान होगा और वंदेमातरम बोलने से कोई संकोच नहीं करेगा। भारत तेरे टुकड़े होंगे ऐसा कोई नहीं बोलेगा।
दिल्ली से ब्रज तक होगी पद यात्रा
ब्रज यात्रा दिल्ली से आरंभ होगी। संतों से बातचीत कर निर्णय लिया कि दिल्ली से ब्रज तक यात्रा की जाएगी। इसमें हिंदुओं को जगाना, हिंदुओं को एक करना, भेदभाव मुक्त समाज को संगठित कर विचारों की क्रांति लाई जाएगी। ब्रज क्षेत्र में मांस-मदिरा का विक्रय पूर्ण रूप से बंद करना। सरकार के साथ लोगों के मन में यह संकल्प होना चाहिए कि इस ध्येय को लेकर यात्रा निकाली जाएगी। यह दूसरी पदयात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की होगी।
संख्या चाहे कम हो लेकिन क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए
देश के लिए दुर्भाग्य की बात है कि सरकार भी नारा दे रही है बच्चे दो ही अच्छे, पर कुछ लोगों के 30 बच्चे हो रहे हैं। यह नियम सबपर लागू होना चाहिए। उन्होंने हिंदुओं से प्रार्थना की कि संख्या कम बेशक हो लेकिन क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए। बच्चे चाहें चार हों लेकिन कट्टर हिंदू होने चाहिए।
एक हाथ में गीता दूसरे में हो संविधान
हम तलवारों की लड़ाई से इहितास बदलने की बात नहीं कर रहे हैं। इतिहास बदलने, मिटाने या खड़ा करने की बात नहीं हैं। हमारी क्रांति इसलिए है कि इंसान में इंसानियत आनी चाहिए। एक हाथ में गीता और पुराण और दूसरे हाथ में संविधान। देश शस्त्र और शास्त्र दोनों से चलेगा।
गो माता को बनाएंगे राष्ट्रमाता
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने जो गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने का प्रण लिया है वह बहुत सुंदर कार्य किया है। शंकराचार्य जी के इस कार्य के लिए हम लाखों करोड़ो बार साधुवाद देना चाहते हैं। गो माता के प्रति उनका समर्पण निश्चित रूप से बहुत अच्छा है। हम भी इस कार्य के लिए उनके साथ हैं।
मेरठ में भी बदलने चाहिए कई स्थानों के नाम
औरंगजेब की तारीफों की बात पर उन्होंने कहा कि लोग राणा सांगा पर जो टिप्पणी कर रहे हैं उन्हें पहले इतिहास को पढ़ना चाहिए। देश को तोड़ने वाला महान नहीं हो सकता है। देश को जोड़ने वाला और अपने प्राण देश के लिए न्यौछावर करने वाला महान होता है। औरंगजेब कभी महान नहीं हो सकता है। देश में विदेशी विधर्मी भारत को तोड़ने के लिए आए। उनके नामो निशान मिटने चाहिए। मेरठ में भी आज कई जगह हैं, जिनके नाम बदले जाने चाहिए।
यह भी पढ़ें: आचार्य धीरेंद्र शास्त्री बोले- भारत है हिंदू राष्ट्र...! औरंगजेब तोड़ता था, हनुमानजी के भक्त जोड़ते हैं
महाराज जी मेरठ में वहां रहियो, जहां नीला ड्रम न हो
सौरभ हत्याकांड पर आचार्य श्री ने तंज कसा कि मेरठ आने से पूर्व एक भक्त बोला कि महाराज जी वहां रहियो जहां नीला ड्रम न हो। उन्होंने चुटकी ली कि अच्छा हुआ हमारी तो शादी नहीं हुई है।