हाइड्रोलिक प्लेटफार्म का बजट पास, इटली से आएगी टीम
मेरठ। दमकल का खराब पड़ा हाईड्रोलिक प्लेटफार्म जल्द विभाग के बेड़े में शामिल होगा। पिछले तीन साल से बजट के अभाव में यह धूल फांक रहा था। जल्द इटली के इंजीनियरों की टीम मेरठ पहुंचकर बीमार हाईड्रोलिक प्लेटफार्म को उपचार करेगी। वर्ष 2015 में प्रदेश के छह जनपदों मेरठ, लखनऊ, कानपुर, आगरा, बनारस और इलाहाबाद को 42 मीटर ऊंचे हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की सौगात मिली थी।
दमकल के बेड़े में इसके शामिल होन ेके बाद दावा किया गया था कि अब 42 मीटर ऊंचाई तक आग पर काबू पाना आसान होगा। विभाग इसे बड़ी उपलब्धि मानकर चल रहा था लेकिन जल्द ही इन उम्मीदों को झटका लग गया। सेंसर खराब होने के कारण हाईड्रोलिक प्लेटफार्म खड़ा हो गया और उसका कहीं प्रयोग नहीं हो पाया।
दमकल विभाग ने पत्राचार शुरु किया। मामला काफी लंबे समय फाइलों के बीच दबकर रह गया। तभी कोरोना ने दस्तक दे दी। विभाग की मानें तो तत्कालीन सपा सरकार ने इटली की कंपनी से यह हाईड्रोलिक प्लेटफार्म खरीदे थे। ऐसे में खराब होने की स्थिति में वहीं से टीम को आना था। कोरोना काल के कारण दो साल मामला और खिंच गया। पिछले दिनों विभाग ने फिर पत्राचार शुरु हुआ, जिसके बाद शासन ने लगभग 4.30 लाख के बजट को स्वीकृति दे दी।
डीजी (फायर) की ओर से इटली स्थित सेला कंपनी से संपर्क किया गया है। सीएफओ संतोष कुमार राय ने बताया कि बजट को हरी झंडी मिल गई है। इसी के साथ इटली के इंजीनियरों की टीम के आने का कार्यक्रम भी निर्धारित हो गया है। 15 नवंबरसे 15 दिसंबर के बीच टीम आकर हाईड्रोलिक प्लेटफार्म को ठीक करेगी।