सूबे के बीएड कॉलेजों के लगभग एक लाख 60 हजार सीटों पर दाखिले के लिए सोमवार से काउंसिलिंग होगी। मेरठ, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, आजमगढ़, जौनपुर, झांसी, गाजियाबाद, कानपुर, बनारस, इलाहाबाद, फैजाबाद, बरेली और गोरखपुर में कुल 32 केंद्र बनाए गए हैं। इस साल परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ने की वजह से कॉलेज राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन साइंस के छात्रों की कमी उनकी चिंता दूर नहीं कर रही। मेरठ में काउंसिलिंग के लिए तीन सेंटर बनाए गए हैं।
इनमें आईआईएमटी कॉलेज, एमआईईटी और विद्या नॉलेज पार्क है। सीसीएसयू के दायरे में चार काउंसिलिंग सेंटर हैं। जिनमें एक सेंटर मेवाड़ यूनिवर्सिटी का गाजियाबाद में भी बना है। पहली बार विवि कैंपस में काउंसिलिंग सेंटर नहीं बना है। समन्वयक कॉलेज और विवि के शिक्षक रहेंगे। एमआईईटी में डॉ. एसके पुंडीर, आईआईएमटी में डॉ. जेएस भारद्वाज और विद्या नॉलेज पार्क में डॉ. संजय त्यागी समन्वयक बनाए हैं। प्राइवेट कॉलेजों को सीट नहीं भरने की चिंता इस बार भी है।
साइंस वर्ग में परीक्षार्थी कम होने की वजह से पिछले तीन साल से सीट खाली रह जा रही हैं। इस बार भी यह समस्या रहेगी। आर्ट वर्ग की सीट आमतौर पर कॉलेज भर लेते हैं। एक वर्ग से दूसरे वर्ग की सीट नियम मुताबिक नहीं भरी जा सकती। यहां कॉलेजों के हाथ बंधे हैं।
ऐसे होगी प्रक्रिया
अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग फीस के रूप में पांच सौ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट वित्त अधिकारी लखनऊ विश्वविद्यालय के नाम से जमा करना होगा। इसके बाद अभ्यर्थी को एनआईसी द्वारा उसके मोबाइल फोन पर पिन भेजा जाएगा। इस पिन की सहायता से अभ्यर्थी अपने लिए सीट लॉक कर सकेगा। इसके लिए उसे दो से तीन दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थी को कॉलेज का आवंटन किया जाएगा। कॉलेज आवंटित होने के बाद तीन दिन के भीतर बकाया फीस जमा करनी होगी।
निर्धारित समय में फीस जमा न कर पाने पर अभ्यर्थी का कॉलेज आवंटन निरस्त हो जाएगा। फीस जमा करने के बाद तीन दिन के भीतर अभ्यर्थी को आवंटित महाविद्यालय में जाकर रिपोर्ट करनी होनी। प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रो. वाईके शर्मा ने बताया कि अभ्यर्थियों को सुबह नौ बजे रिपोर्ट करने को कहा गया है।
डेट रैंक
6 जून 1-6500
7 जून 6501-15000
8 जून 15001-26000
9 जून 26001- 39000
10 जून 39001-52000
11 जून 52001-65000
13 जून 65001-80000
14 जून 80001-95000
15 जून 95001-110000