अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने जिलाध्यक्षों से चार-चार संभावित प्रत्याशियों के नाम मांगे हैं। पार्टी अक्तूबर तक कुछ नाम फाइनल करना चाहती है, ताकि उम्मीदवार अपने क्षेत्र में प्रचार कर सकें। साथ ही जिलाध्यक्षों को युवाओं और किसानों पर फोकस करने और चुनाव से पहले अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ने के लिए कहा गया है।
कोरोना काल में सेवा सत्याग्रह के तहत प्रियंका की ओर से मेरठ के गांवों में बांटने के लिए दस हजार मेडिकल किट और संदेश पत्र भेजे गए हैं। इसके जरिए कांग्रेस गांवों और किसानों तक पहुंचना चाहती है। इससे पहले भी कृषि कानूनों के विरोध में प्रियंका पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में किसान महापंचायतें कर चुकी हैं।
पंचायत चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन
प्रदेश में पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था। कांग्रेस ने जिले में पंचायत सदस्य चुनाव के लिए प्रत्याशी उतारे लेकिन, एक भी नहीं जीता। अब पार्टी पदाधिकारियों को गांव-गांव जाने के निर्देश दिए गए हैं।
संगठन पर रहेगा जोर
हाईकमान से प्रत्याशियों के चयन के लिए निर्देश मिले हैं। हालांकि इसके लिए अंतिम तिथि तय नहीं की गई है। इसके अलावा कई अन्य संगठनात्मक कार्य भी किए जाने हैं।
- अवनीश काजला, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस