मेरठ में कोरोना संक्रमण के बीच शहर में मृत्युदर बढ़ रही है। सूरजकुंड श्मशान में प्लेटफार्म कम पड़ने लगे हैं। वहीं, कोरोना पीड़ितों से अवैध वसूली पर लगाम नहीं लग रही है। रविवार को सूरजकुंड श्माशान में दो कोरोना पॉजिटिव के शव आए।
दोनों से ही आचार्यों ने पांच हजार रुपये की दक्षिणा मांगी। जिला प्रशासन के आदेश का हवाला देने के बाद 1100 रुपये और 1500 रुपये दक्षिणा तय हुई। यह हाल तब है, जब आला अधिकारी तीन दिन से निगरानी और निरीक्षण कर रहे हैं।
शास्त्रीनगर निवासी कोरोना पॉजिटिव हापुड़ में पंजाब नेशनल बैंक में मुख्य प्रबंधक के पद पर तैनात थे। रविवार को उनकी मृत्यु हो गई। पीएनबी मुख्यालय सहित विभिन्न शाखाओं के प्रबंधक संस्कार में पहुंचे। बेटे ने पीपीई किट पहनी, लेकिन आचार्य किट में नहीं थे।
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आचार्य ने दक्षिणा के रुप में पांच हजार रुपये मांगे। पीएनबी मुख्यालय से आए मार्णिक बैनर्जी ने कहा कि 500 रुपये दक्षिणा निर्धारित है। अन्य लोगों ने भी विरोध किया। बाद में आचार्य को 1100 रुपये देकर लौट गए। वहीं, शास्त्रीनगर से आए एक अन्य कोरोना पॉजिटिव शव के संस्कार के नाम पर 1500 रुपये लिए गए। किसी को रसीद नहीं दी गई।
आज से शुरू होगा प्लेटफार्म निर्माण
नगर आयुक्त मनीष बंसल ने सूरजकुंड श्मशान घाट का निरीक्षण करने के बाद कई दिशा निर्देश दिए थे। नए प्लेटफार्म बनाने और लकड़ी का रेट 700 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। गंगा मोटर कमेटी के मंत्री दिनेश जैन ने बताया कि सोमवार से सूरजकुंड पर छह नए प्लेटफार्म बनाने का कार्य शुरू होगा। बाद में प्लेटफार्म पर शेड की व्यवस्था होगी। फिलहाल 42 प्लेटफार्म हैं।