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मेरठ में बड़ी वारदात: जमानत पर आए गौरक्षक आसिफ भारती की गोली मारकर हत्या, इलाके में तनाव

Sat, 08 Jul 2023 06:18 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

उत्तर प्रदेश के मेरठ में बदमाशों ने फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। यहां भूमिया के पुल पर गौरक्षक दल के सदस्य आसिफ भारती की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आए थे।
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आसिफ भारती - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र में शनिवार शाम को बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। यहां गौरक्षक होने का दावा करने वाले आसिफ भारती (36) की सरेराह गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में लोग घायल अवस्था में आसिफ को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। वारदात के बाद से इलाके में तनाव है। 
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बताया गया कि आसिफ भारती पर हत्या का आरोप था। वहीं कई साल पहले उनके भाई गौरक्षक दिलशाद भारती की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 

यह भी पढ़ें : गौरक्षक आसिफ हत्याकांड: गोकशी के खिलाफ आंदोलन चलाने पर की थी बड़े भाई की हत्या, अब छोटे भाई को भी मारी गोली

murder - फोटो : Amar Ujala
मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र के अंतर्गत हुई हत्या से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया गया कि गौरक्षक दल का सदस्य आसिफ पुत्र शकील अपनी स्कूटी से कहीं जा रहा था। इसी दौरान बदमाशों ने पीछा कर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।

गोली लगते ही आसिफ स्कूटी सहित जमीन पर गिर पड़ा। वहीं हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने अचेत अवस्था में पड़े आसिफ को अस्पताल भिजवाया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।  वहीं वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार हो गए।

बताया गया कि आसिफ एक माह पहले ही हत्या के मामले में जेल से छूट कर आया था, उसको दो युवकों के द्वारा गोली मारी गई है। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद है। 

पुलिस के अनुसार आरोपी परवेज व उसके साथी बताए जा रहे हैं। पुरानी रंजिश में गोली मारी गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

गोकशी के खिलाफ आंदोलन चलाने वाले दिलशाद भारती की गो तस्करों द्वारा 27 जून 2015 को सिर पर गोली मार दी गई थी, जिसके बाद अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उस समय परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा भी किया था। वहीं इलाके में तनाव के कारण पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी।

भाई की हत्या पर आसिफ ने खाई थी गौरक्षा की कसम
भाई की हत्या के बाद छोटे भाई आसिफ ने गौरक्षा की कसम खाते हुए कहा था कि हम मुसलमान हैं, लेकिन गोरक्षा करना हमारा धर्म है। मेरे भाई ने गोरक्षा करते-करते अपनी जान दे दी। गोवंश को बचाना उसने अपना मकसद बना लिया था। इसीलिए उसने शादी भी नहीं की थी। गोकशी का धंधा मंदा पड़ने लगा तो पुलिस ने ही आरोपियों से मिलकर दिलशाद को गोली मरवाई।

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दिलशाद ने जान का खतरा बताकर पुलिस से सुरक्षा भी मांगी थी। ये आरोप दिलशाद भारती के भाइयों ने पुलिस पर लगाए थे। उसने यह भी कहा कि उसे लगातार आरोपियों से धमकियां मिल रही है कि जिस तरह दिलशाद की हत्या की है इसी तरह उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी जाएगी। आखिरकार आठ साल बाद सरेबाजार आसिफ भारती को भी आरोपियों ने सरेराह गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतार दिया।
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