उन्होंने बताया कि माता बॉबी ने भी पूरा ध्यान रखा। करीब 10 साल तक सुबह साथ स्टेडियम लेकर जाने और हौसला बढ़ाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। पिता ने भी हमेशा खेलों को लेकर प्रोत्साहित किया।
माता-पिता अपने बच्चों पर विश्वास करेंगे तो वे अवश्य आगे बढ़ेंगे। उन्हें अपनी उड़ान उड़ने दें। किरण ने कहा कि जाट समाज के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कल्याण सिंह ने भी उनका हर कदम पर साथ दिया। कोई दिक्कत होती थी तो वह उन्हें बेझिझक कह देती थीं। मैं आजीवन उनकी आभारी रहूंगी।
2024 पेरिस ओलंपिक में जगह बनाना लक्ष्य
किरण ने पदक के साथ देश का मान बढ़ाया, लेकिन वह ओलंपिक क्वालिफाई मार्क 18.10 मीटर तक पहुंचने में नाकाम रहीं। उन्होंने 17.36 मीटर के साथ देश को कांस्य पदक दिलाया। किरण ने कहा कि 2023 में बहुत प्रतियोगिताएं होंगी, जिसमें ओलंपिक में कोटा लेने का लक्ष्य होगा। पेरिस ओलंपिक-2024 में ज्यादा समय भी बचा नहीं है। ऐसे में कड़ी मेहनत जारी रखेंगी।
सर्वसमाज के प्रतिभावान खिलाड़ियों के साथ खड़ा है जाट समाज : चौधरी कल्याण सिंह
जाट समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं जिला कुश्ती संघ के संरक्षक चौधरी कल्याण सिंह ने कहा कि मेरठ जिले में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ऐसे में समाज ने ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों को गोद लेने की जिम्मेदारी उठाई है।
उन्होंने कहा कि जिले कई प्रतिभावान खिलाड़ियों की समाज हर माह आर्थिक मदद कर रहा है। सर्वसमाज के प्रतिभावान खिलाड़ियों की मदद के लिए जाट समाज तत्पर है। उन्होंने कहा कि आर्थिक समस्या के कारण युवावस्था में ही कुश्ती खेलना छोड़ दिया था। इसकी टीस आज भी है। समाज के सम्मानित लोगों को भी इस पहल के लिए आगे आना होगा।