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होली के दिन छिन गई थी आंखों की रोशनी, अब राष्ट्रपति ने किया अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित

Wed, 26 Sep 2018 01:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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पैरा एथलीट अंकुर धामा
बचपन में ही आंखों की रोशनी गंवाने वाले 24 साल के पैरा एथलीट अंकुर धामा को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा तो जिलेभर में खुशी छा गई। खिलाड़ियों ने अंकुर की कामयाबी को हौसले की उड़ान बताया। ये किसी ने नहीं सोचा था कि अपने आंखों की रोशनी गंवाने वाला ये दिव्यांग दिलेर एक दिन पूरे जिले का नाम रोशन करेगा। अंकुर की इस कामयाबी के पीछे छिपी है एक ऐसी कहानी, जो हर किसी को भावुक कर जाती है। मगर कठिनाइयों से हार नहीं मानने वाले अंकुर आज बन गए लाखों युवाओं की प्रेरणा :-
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पैरा एथलीट अंकुर धामा राष्ट्रपति से अर्जुन अवार्ड हासिल करते हुए - फोटो : अमर उजाला
खेकड़ा में करीब 20 साल पहले एथलीट अंकुर धामा की आंखों में होली के दिन रंग चला गया था, इस वजह से अंकुर की आंखों की रोशनी चली गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को बागपत के जांबाज एथलीट को अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा तो जिला गौरवान्वित हुआ। बागपत के लिए खुशी का दिन था। जिले के हिस्से में यह छठा अर्जुन अवॉर्ड है। इससे पहले पहलवान सुभाष तोमर, शोकेंद्र तोमर, राजीव तोमर, सुनील राणा, शूटर विवेक सिंह को अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है। 
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परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं

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पैरा एथलीट अंकुर धामा
अंकुर धामा के परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। भाई गौरव धामा, मां संतोष देवी ने लड्डू बांटकर खुशी मनाई। परिवार को बधाई देने वालों का तांता लगा है। चेयरमैन संगीता धामा और उनके प्रतिनिधि अंकुर धामा ने भी परिवार को घर पर पहुंचकर बधाई दी।  भोपाल सिंह, नेपाल सिंह, सुधीर सिंह, मिंटू, विनय कुमार, संदीप कुमार, अशोक कुमार रहे। 

शोकेंद्र तोमर ने दी बधाई : बागपत। राष्ट्रपति भवन में मौजूद बागपत के अर्जुन अवार्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर ने अंकुर धाम को कामयाबी पर बधाई दी। तोमर ने कहा कि युवाओं के लिए अंकुर की कामयाबी बड़ी है।

 

अंकुर ने बागपत को कर दिया रोशन 

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पैरा एथलीट अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला
अंकुर के भाई गौरव धामा ने बताया कि पांच साल की उम्र में अंकुर की आंखों में रंग चला गया। तमाम इलाज कराया, लेकिन रोशनी नहीं लौटी। परिवार ने उसका दाखिला दिल्ली के लोदी रोड स्थित जेपीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर ब्लाइंड में करवा। यहीं से अंकुर की जिंदगी बदल गई। शिक्षकों ने अंकुर के खेलों के प्रति रुझान को देखकर उसे दौड़ में भाग लेने को प्रेरित किया। अंकुर ने साबित किया कि इच्छाशक्ति से बड़ी कोई ताकत नहीं होती।
  

 
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नौ साल में अर्जुन अवॉर्ड तक पहुंचा गया दिलेर 

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पैरा एथलीट अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला
अंकुर को पहली बार बड़ी कामयाबी साल 2009 में मिली। वर्ल्ड यूथ एंड स्टूडेंट चैंपियनशिप में अंकुर धामा ने दो गोल्ड मेडल जीतकर पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोहा मनवाया। अंकुर धामा ने साल 2014 में एशियन पैरा गेम्स में एक सिल्वर और दो कांस्य मेडल जीते। जकार्ता में इस बार अक्टूबर में होने जा रही पैरा एशियन खेलों में अंकुर धामा 1500 मीटर और पांच हजार मीटर दौड़ में भाग लेगा। 
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यूनियन बैंक में अधिकारी हैं अंकुर

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अंकुर धामा - फोटो : अमर उजाला
दिव्यांग एथलीट अंकुर धामा पढ़ाई के मैदान पर भी युवाओं के लिए प्रेरणा है। आईबीपीएस की ओर से आयोजित होने वाली पीओ की परीक्षा में अंकुर धामा ने सफलता हासिल की थी। उसके भाई गौरव धामा ने बताया कि परीक्षा में चयन के बाद यूनियन बैंक की दिल्ली स्थित शाखा में सहायक मैनेजर के पद पर तैनात किया गया है।  

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