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बेहद खतरनाक स्तर पर प्रदूषण, 430 पहुंचा एक्यूआई, अधिकारियों के प्रयास नाकाफी साबित

Thu, 31 Oct 2019 02:03 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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स्मॉग के चलते पानी का छिड़काव - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर जिले में वायु प्रदूषण का असर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। आसमान में दिन भर स्मॉग छाया रहा। सूरज भी साफ नजर नहीं आया। शाम को एयर क्वालिटी इंडेक्स 430 पर पहुंच गया। प्रशासन एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। 

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दिवाली के बाद से जिले में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ा हुआ है। दो दिन से धुंध के कारण सूरज नजर नहीं आया। आसमान में छाई धुंध लोगों को परेशान करने लगी है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रदूषण कम करने के लिए पानी का छिड़काव करा रहे हैं लेकिन इससे भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा। मंगलवार की शाम पांच बजे जनपद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 430 पर पहुंच गया। इससे वृद्धों, बच्चों और बीमारों को परेशानी होने लगी। कुछ लोग मास्क लगाकर आते-जाते नजर आए।

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प्रशासन का दावा, किए जा रहे प्रयास 

सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार ने बताया कि प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर में पानी की बौछार कराई जा रही है। सभी नगर निकायों को निर्देश दिया है कि कहीं पर कूड़ा न जलाने दें, दस्ते बनाकर चेकिंग कराएं और कोई व्यक्ति कूड़ा जलाता मिले तो कार्रवाई करें। फैक्टरियों एवं अन्य उद्योगों की चेकिंग कराई गई है कि उनमें प्रदूषण फैलाने वाला ईंधन तो नहीं जलाया जा रहा। एमडीए को पत्र भेजकर निर्माण कार्यों पर निगरानी रखने को कहा गया है। 

बंद हैं जिले की कई फैक्टरियां 
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय के अवर अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि जिले में कई फैक्टरियां बंद हैं। दिवाली के त्योहार व मरम्मत कार्यों के लिए इन फैक्टरियों का संचालन नहीं हो रहा। इनमें महालक्ष्मी पेपर, एरिस्टोक्राफ्ट पेपर, कृष्णांचल, गैलेक्सी, बिंदल डुप्लेक्स, मीनू पेपर मिल एवं गर्ग डुप्लेक्स बंद हैं। अन्य उद्योगों में भी निरीक्षण कर जांच की गई है कि कहीं उनमें ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाला ईंधन तो नहीं जलाया जा रहा। उन्होंने बताया कि यदि 48 घंटे तक एक्यूआई सेवियर लेवल पर रहा तो संचालित फैक्टरियों को बंद कराया जा सकता है।

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