दिवाली पर एनजीटी के आदेश बेमानी साबित हुए। रोक के बावजूद दिवाली की शाम से आधी रात तक जमकर पटाखे छोड़े गए, जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरे से ऊपर 540 पहुंच गया। हवा और भी ज्यादा जहरीली होने पर लोगों को आंखों में जलन होने के साथ ही सांस लेने में परेशानी हुई।