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अभी और बढ़ेगा स्मॉग, नहीं है राहत के आसार, मेरठ में एक्यूआई पहुंचा 321 पर

Fri, 15 Nov 2019 01:07 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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दिन भर छाई रही धुंध - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ शहर में गुरुवार को दिनभर स्मॉग छाया रहा। इसके चलते आसमान पर बादली सी छाई रही। लोगों को ठीक से सूर्य देवता के दर्शन भी नहीं हो पाए। एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 321 पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल स्मॉग से राहत के आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। आने वाले 24 घंटों में इसमें बढ़ोतरी नजर आएगी।

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दो दिन पहले तक मेरठ का एक्यूआई 250 से नीचे आ गया था। एनसीआर में स्मॉग बढ़ने से यहां भी वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। एक्यूआई दो दिन से लगातार बढ़ रहा है। दिल्ली में 463 और नोएडा व गाजियाबाद में 486 पर पहुंच गया है। स्मॉग बढ़ने के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेरठ के जयभीमनगर में सबसे ज्यादा एक्यूआई 346 दर्ज किया गया। वहीं मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 26.6 डिग्री और न्यूनतम 13.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

स्मॉग 24 से 72 घंटे तक छाया रहेगा। हवा बंद होने के कारण स्मॉग बढ़ रहा है। 17 नवंबर से हवा की गति 17 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने के आसार हैं। इसके बाद स्मॉग से राहत मिल सकती है। दिन के तापमान में दो डिग्री की गिरावट आई है। ठंड में इजाफा होगा। - डॉ. एन. सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, आईआईएफएसआर
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यह भी पढ़ें: स्मॉग ने बढ़ाई मुश्किल, अब फिर से दो दिन तक बंद रहेंगे 12वीं तक के स्कूल

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ये है पीएम 2.5 से नुकसान 
सहायक क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी डॉ. योगेंद्र कुमार ने बताया कि पीएम को पर्टीकुलेट मैटर कहा जाता है। ये वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण हैं। इन्हें इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से ही देखा जा सकता है। हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 और पीएम 10 की मात्रा 100 को ही सुरक्षित माना जाता है। मौसम में नमी ज्यादा होने पर कण एक स्टेज पर ही घूमते रहते हैं। ऐसे में प्रदूषण का असर बढ़ जाता है। 

क्या है पीएम 10 
इसे रेस्पायरबल पार्टिकुलेट मैटर कहा जाता है। इन कणों का आकार 10 माइक्रोमीटर होता है। इसमें धूल और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं। पीएम 10 और 2.5 धूल, कंस्ट्रक्शन, पुआल आदि जलाने से बढ़ता है। इसके कारण उक्त रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है। मेरठ में पीएम 10 का लेवल बढ़ता जा रहा है। मानक 100 है, लेकिन यह 300 को पार कर रहा है।

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