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अपराजिता: पिता व भाई की मौत भी नहीं तोड़ पाई प्रियंका के मजबूत इरादे, आज हैं दूसरों की प्रेरणा

Tue, 18 Dec 2018 01:23 PM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ
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प्रियंका
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जिंदगी में कुछ कर गुजरना हो तो हौसला कायम रखना लाजिमी है। जीवन के उतार चढ़ाव के दौरान कोई बड़ी घटना या हादसा हो जाये तो वाकई इंसान का टूट जाता है। मेरठ की एक ऐसी बेटी जिसने छह महीने के भीतर पिता और भाई को खो दिया। परिवार में दो मौत होने के बाद जागृति विहार निवासी प्रियंका डिप्रेशन में आ गई। कोच जबर सिंह सोम और अंतर राष्ट्रीय पहलवान अलका तोमर ने प्रियंका का हौसला बढ़ाया और फिर से कुश्ती में उतारा।  
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जागृति विहार सेक्टर-9 निवासी 28 वर्षीय प्रियंका सिंह का चयन केरल में कोच के तौर पर हो गया है। वह मंगलवार को केरल पहुंची हैं यहां और कुश्ती कोच का पद ग्रहण करेंगी। जीवन में प्रियंका ने जो दर्द सहा वह एक खिलाड़ी के लिये मुश्किल हो सकता है।


प्रियंका अंतर राष्ट्रीय खिलाड़ी अलका तोमर की बुआ की बेटी है। छोटी सी उम्र में ही अलका तोमर ने प्रियंका को कुश्ती के दांव सिखाना शुरू कर दिया। 12 साल की उम्र से ही प्रियंका ने सब-जूनियर वर्ग के कुश्ती खेल में पदक झटकने शुरू कर दिये। 
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कई बड़ी प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों लाने का सफर जारी था। साल दर साल कुश्ती में ऊंचाईयों को छू रही थी। साल 2013 में पिता ओमप्रकाश सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। जबकि छह महीने बाद ही भाई उदय सिंह की मेडिकल के पास सड़क दुघर्टना में मौत हो गई। छह महीने के भीतर पिता और भाई की मौत के बाद प्रियंका पूरी तरह टूट गई। हालत यह हुई कि वो डिप्रेशन में आ गई। प्रियंका की हालत को देख बड़े भाई सिंह राज व मां राकेश सिंह ने साहस बढ़ाया। लेकिन प्रियंका पूरी तरह टूट चुकी थी। मां व भाई लगातार कोच जबर सिंह सोम व अलका तोमर के संपर्क में थे। सभी प्रियंका के भविष्य को लेकर चिंतित थे। 

करीब एक साल तक कुश्ती से दूर रही प्रियंका को दोबारा खेलने के लिये प्रेरित किया गया। परिवार व कुश्ती खिलाड़ियों के प्रयासों से प्रियंका फिर से कुश्ती में आने को तैयार हो गई। प्रियंका ने कुश्ती में शानदार वापिसी करते सफर जारी किया। अंतर राष्ट्रीय कुश्ती खिलाड़ी अलका तोमर ने बताया मंगलवार को प्रियंका केरल में बतौर कोच ज्वाइन करने वाली है। प्रियंका ने शारीरिक शिक्षा से एमफिल किया है, जबकि कोच के लिये एनआईएस डिप्लोमा किया है।  
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प्रियंका
प्रियंका ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर की सीनियर कामनवेल्थ रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर, गुहाटी के साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड, राष्ट्रीय स्तर पर गोंडा की सीनियर नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल, स्टेट स्तर पर गोरखपुर की सीनियर यूपी रेंसलिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मैडल जीता। इसके अलावा वो राष्ट्रीय -अंतर राष्ट्रीय स्तर, स्टेट स्तर पर 39 पदक अपने नाम कर चुकी हैं। पांच महत्वपूर्ण अवार्ड भी पा चुकी हैं।  

अंतर राष्ट्रीय स्तर-  9 मेडल
राष्ट्रीय स्तर -       13 मेडल 
स्टेट स्तर -         17 मेडल 

अवार्ड
2008: उप्र केसरी अवार्ड 
2010: उप्र केसरी अवार्ड 
2012: अवध सम्मान 
2015-16: लक्ष्मीबाई अवार्ड 
2015: भारत केसरी 
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