फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: महिलाओं के सामने ये बड़ी समस्या, जानें- सॉल्यूशन का बेहतर तरीका

Sat, 12 Jan 2019 12:00 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बच्चों में कम होते संस्कार.. परिवार के बीच बढ़ती दूरियां... अपनी सेहत का ख्याल न रख पाना... अमूमन हर पांचवें घर में यही हालात हैं। घर की छोटी छोटी चीजों पर भी ध्यान नहीं दे पाने की सबसे बड़ी वजह है कि टाइम नहीं है। चाहे गृहणी हो या नौकरीपेशा महिलाएं सभी के सामने यही दिक्कत है। महिलाओं की इस समस्या पर अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत शुक्रवार को संवाद का आयोजन हुआ। अमर उजाला के मोहकमपुर स्थित कार्यालय में हुए संवाद में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं ने टाइम मैनेजमेंट पर अपने सुझाव दिए।

विज्ञापन


टाइम मैनेजमेंट है पहली जरूरत
अब स्त्री-पुरुष दोनों नौकरी में होते हैं। परिवार को पूरे दिन कोई वक्त नहीं दे सकता। जरूरी है कि अपनी प्राथमिकताओं के आधार पर समय को बांटा जाए। ऑफिस के टाइम के साथ घर को टाइम देना, बच्चों को वक्त कब देना है, सभी का समय तय करें। उसी के अनुसार काम करें। - डॉ. मनु भारद्वाज, प्रिंसिपल, खालसा गर्ल्स इंटर कॉलेज

आप को ही फॉलो करेंगे बच्चे 
बच्चों में इगो की परेशानी बढ़ी है। संस्कार कम हुए हैं। वह गलत दिशा में जा रहे हैं। इसका कारण है कि महिलाएं परिवार को वक्त नहीं दे पा रहीं। आप जो भी करें, उसे यह सोचकर करें कि बच्चे आपको फॉलो करते हैं। इसलिए खुद सही ट्रैक पर चलें तो बच्चे भी चलेंगे। - डॉ. सुधि कांबोज, कैंसर विशेषज्ञ

विज्ञापन

सेहत को दें वर्किंग ब्रंच की खुराक
गृहणियां और नौक रीपेशा महिलाएं सभी अपने खानपान में ढुलमुल रवैया अपनाती हैं। इसको बदलें। थाल सजाकर खाने का टाइम नहीं है तो वर्किंग ब्रंच लें। एक कप दूध, अखरोट, बादाम, फल और सलाद लें। गाड़ी चलाते वक्त फल खाएं, बारीक कटी सब्जियों के बजाय दो पीस में सलाद खाएं। बड़े टुकड़े काटकर सब्जियां लें। इससे समय बचेगा और आप सही खुराक लेंगी। - डॉ. भावना गांधी, डाइटीशियन

सोशल मीडिया से कहें बॉय
नौकरीपेशा महिलाएं ही नहीं होममेकर भी सोशल मीडिया पर अपना काफी वक्त दे रही हैं। सोशल मीडिया के इस जाल से खुद को बचाएं। सोशल मीडिया से कुछ अच्छा सीखें। जानकारी बढ़ाने के लिए इसे प्रयोग करें। वक्त बर्बाद न करें। - शशी राकेश, शिक्षिका बीएनजी इंटनेशनल स्कूल

अपनी प्राथमिकता तय करें
महिलाओं के अपनी सशक्तता के अलावा परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वर्किंग होना जरूरी है। परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी से भी मुुंह नहीं मोड़ सकते। इसलिए जरूरी है कि अपनी प्राथमिकताएं तय करें। उन्हीं के अनुसार काम करें। - शालिनी, प्रिंसिपल माउंट लिट्रा जी स्कूल

जिम्मेदारियों को बांटना सीखें
वर्किंग वूमेन हैं तो घर-परिवार की सारी जिम्मेदारियों को खुद पर ही न ओढ़ें। परिवार के दूसरे सदस्यों की सहायता लें। परिवार के सदस्यों की क्षमता के अनुसार उनमें छोटी-छोटी जिम्मेदारियां बांटें। इससे बच्चे भी जिम्मेदार बनेंगे और आप उन्हें वक्त भी दे पाएंगी। - वीनू अग्रवाल, वाइस प्रिंसिपल मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल
विज्ञापन

कुकिंग से वीक ऑफ है जरूरी
कुकिंग से एक दिन का वीक ऑफ भी लें। बच्चों को रोजाना बाहर का खाना खिलाने की आदत डालने के बजाय सप्ताह में एक दिन कुकिंग ऑफ कर सकती हैं। इससे आपको भी आराम मिलेगा और बच्चे रोजाना जंक फूड खाने से बचेंगे। उनकी सेहत दुरुस्त रहेगी और मनोरंजन भी होगा। - डॉ. अरुणा यादव, जिला अस्पताल

पीटीएम से मुंह न मोड़े
अक्सर देखा जाता है कि बच्चे की पढ़ाई या स्कूल से जुड़ी किसी भी शिकायत को सुनने से पैरेंट्स बचते हैं। अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पीटीएम से मुंह न मोड़ें। बच्चे के स्कूल में पीटीएम में अवश्य जाएं, ताकि आपको बच्चे की स्कूल की स्थिति की जानकारी मिलती रहे। - सारिका सिंघल, शिक्षिका मेरठ सिटी पब्लिक स्कूल

समय दें, पैसे देकर न करें छुट्टी
नौक री के नाम पर महिलाओं ने बच्चों की परवरिश बिल्कुल बदल दी है। समय न दे पाने की कमी की पूर्ति वे मनचाहे पैसे देकर करती हैं। इससे बच्चे गलत ट्रैक पर चले जाते हैं। बच्चों को वक्त दें, हर बात पर पैसे देकर उन्हें खुश रखने की कोशिश न करें। - मीनाक्षी कौशल, समाजसेवी

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें