गद्दे बिछाकर IIMT यूनिवर्सिटी में सोए छात्र
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मेरठ के गंगानगर स्थित आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में बीफार्मा और डीफार्मा के छात्रों की परीक्षा में बैक और ईयर बैक का कोई समाधान ना निकलने पर छात्रों ने मंगलवार को पूरे दिन हंगामा किया। रात में छात्र यूनिवर्सिटी के अंदर एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग के गेट पर गद्दे बिछाकर सो गए। वहीं, रात में नारेबाजी भी की गई। छात्रों ने साफ कहा जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, यह धरना खत्म नहीं होगा।
यह है पूरा मामला
आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में बीफार्मा और डीफार्मा का कुछ समय पहले रिजल्ट जारी किया गया। आरोप है कि करीब तीन सो छात्रों की कई विषय में बैक लगा दी गई। छात्रों का कहना था कि यूनिवर्सिटी ने जानबूझकर छात्रों की बैक लगाई है जिससे वह बैक फीस से कमाई कर सकें। छात्रों ने इसके विरोध में मुख्य गेट पर धरना भी दिया। उसके तीन दिन बाद सेमेस्टर बैक का रिजल्ट जारी किया गया। जिसमें कई छात्रों की ईयर बैक लग गई। जिससे छात्र और ज्यादा नारा हो गए।
छात्र मेडिकल साइंस की पांच मंजिला बिल्डिंग पर चढ़ गए थे। भारी हंगामे के बीच पुलिस के सामने छात्र कुलपति डॉ. दीपा शर्मा से मिले। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा इस समस्या को दूर करने के लिए बीते सोमवार तक का समय मांगा गया था। बीते सोमवार को तय समय पूरा हो गया। परंतु यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बात को लेकर छात्र नाराज है।
मंगलवार को भी पूरे दिन रहा हंगामा
छात्र मंगलवार को कॉलेज पहुंचे और फिर से मेडिकल साइंस बिल्डिंग की छत पर चढ़ गए। शिक्षकों, गार्ड ने छात्रों को समझाने की कोशिश पर परंतु वह नहीं माने। छात्र नारे लगाते हुए यूनिवर्सिटी के गेट तक आए। रजिस्ट्रार डॉ. वीपी राकेश ने छात्रों से बात की, परंतु वह नहीं माने थे।
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इस मामले में यूनिवर्सिटी के मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि यूनिवर्सिटी यूजीसी के नियमों को फॉलो कर रही है। छात्रों के पास कॉपी रिचेकिंग, बैक फॉर्म भरने व एक अटेम्पट देने की सुविधा है। परंतु वह सीधे प्रमोट करने की मांग कर रहे हैं, यह मांग यूजीसी के नियमों के विरूद्ध है, जो पूरी नहीं की जा सकती है। विवि. प्रशासन द्वारा भी छात्रों को समझाया गया है, परंतु वह नहीं माने। उन्हें बातचीत से मामला सुलझाना चाहिए।