हाल ही में फर्म का वित्तीय वर्ष 2022-23 का ऑडिट होना था। जब नमन अग्रवाल को पता चला कि फर्म का ऑडिट होने वाला है तो वह उसी दिन से गायब हो गया। ऑडिटर ने उन्हें बताया कि फर्म की एकाउंट बुक देखकर प्रतीत होता है कि बड़े स्तर पर धनराशि का गबन हुआ है। ऑडिटर ने छानवीन की तो पता चला कि नमन अग्रवाल ने फर्जी पेमेंट शीट्स तैयार की। उन पेमेंट शीटों में जिन लेनदारों को प्रार्थी की फर्म से पेमेंट किया जाना था, उनके एकाउंट नंबर की जगह अपने व अपनी पत्नी अक्षी अग्रवाल के अकाउंट में 46,88,183 का गबन किया।