मेरठ शहर के साथ अब गांव में भी स्वास्थ्य ढांचा को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए शासन ने थोड़ा बदलाव किया है। अब गांवों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 40 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) की जगह 200 एलपीएम ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। विधायक निधि भी पहले से अधिक खर्च होगी। इसके लिए दोबारा से बिड जारी की जाएगी।
हाल ही में विधायक निधि सहित अन्य संस्थाओं ने 12 सीएचसी के लिए फंड जारी कर दिया था। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया गया था, लेकिन शासन के निर्देश पर अब प्रक्रिया बदलनी पड़ रही है। अगले कुछ दिनों में दोबारा से बिड निकालकर 200 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन ऑक्सीजन प्लांट को जुलाई तक लगाने का लक्ष्य दिया गया है। तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार किसी भी तरह की कमी को नहीं छोड़ना चाह रही है।
अब होंगे 70-80 लाख रुपये खर्च
पहले 12 सीएचसी के लिए ऑक्सीजन प्लांट पर 20 लाख रुपये खर्च किया जा रहा था। इसके लिए विधायक निधि से 25 लाख रुपये सीएमओ को भेज दिए गए, लेकिन अब 200 एलपीएम पर 70-80 लाख रुपये का खर्च आएगा। विधायक निधि से अतिरिक्त धन खर्च होगा। इस धन के आने के बाद ही प्रक्रिया शुरू होगी।
ये हैं सीएचसी
दौराला, खरखौदा, भावनपुर, सरूरपुर, सरधना, हस्तिनापुर, रोहटा, परीक्षितगढ़, माछरा, किठौर, भूडबराल, जानी।
क्षमता और बढ़ेगी
विधायक निधि की राशि सीएमओ को जारी कर दी है। अब शासनादेश में फेरबदल किया गया है। अब सीएचसी पर 40 के स्थान पर 200 एलपीएम के ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे। इससे क्षमता और बढ़ जाएगी।
- शशांक चौधरी, मुख्य विकास अधिकारी