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खतरनाक : शहर में 121 लोग रोज हो रहे कुत्ते के शिकार, चौंका देंगे आठ माह के ये आंकड़े, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

Fri, 16 Sep 2022 06:23 PM IST
कपिल kapil अरीश रिजवी, अमर उजाला, मेरठ

सार

शहर में कुत्ते इतने खूंखार हो रहे हैं कि हर रोज 121 लोगों को शिकार बना रहे हैं। आठ माह के ये आंकड़े देखकर आप भी चौंक जाएंगे।
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कुत्ते। - फोटो : amar ujala
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मेरठ शहर में कुत्ते खूंखार हो रहे हैं। बीते आठ माह में (एक जनवरी से 31 अगस्त 2022 तक) 29530 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। यानी हर माह औसतन 3691 और रोजाना 121 लोग शिकार हो रहे हैं। ये वो लोग हैं जो पीएल शर्मा जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने आए। कई लोगों का तो रिकॉर्ड ही नहीं है। 

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जिला अस्पताल में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए रोज लंबी कतारें लग रही हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि हर रोज काफी संख्या में मरीज एआरवी आ रहे हैं। वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।

वैक्सीन लगवाने वालों की माहवार स्थिति
जनवरी                 2771
फरवरी                 3651
मार्च                    4019
अप्रैल                  3844
मई                      4309
जून                     4041
जुलाई                 3740
अगस्त                 3155

यह है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज की बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज मानसिक संतुलन बिगाड़ता है। यह रोग 19 साल तक मरीज को अपनी गिरफ्त में ले सकता है।
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रेबीज के लक्षण
रेबीज रोगी को सबसे ज्यादा पानी से डर लगता है। रोगी के मुंह से लार निकलती है। यहां तक की वह भौंकना भी शुरू कर देता है।

रेबीज का उपचार
रेबीज की रोकथाम के लिए अस्पतालों में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवा 28 दिन के बाद लगाया जाता है।

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टोटके अपनाने से बचें
जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके नंदा ने बताया कि कुत्ते के काटने पर पिसी मिर्च लगाने का प्रचलन अब भी है। ऐसा करने से घाव में इंफेक्शन का खतरा ज्यादा रहता है। कुत्ते या किसी अन्य जानवर के काटने पर 72 घंटे के भीतर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए।
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